चुनौतीपूर्ण भू-वैज्ञानिक परिस्थितियों के बीच टीएचडीसीआईएल की बड़ी उपलब्धि, टीआरटी का हुआ सफल ब्रेकथ्रू
चमोली।टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि हासिल करते हुए 444 मेगावाट की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टेल रेस टनल (टीआरटी) का सफल ब्रेकथ्रू कर लिया है।
यह रन-ऑफ-द-रिवर परियोजना उत्तराखंड चमोली जिले के भू-वैज्ञानिक दृष्टि से संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में विकसित की जा रही है।
लगभग 3.1 किलोमीटर लंबी तथा 9.2 मीटर व्यास (फिनिश्ड) की टेल रेस टनल परियोजना का एक महत्वपूर्ण भूमिगत घटक है, जिसके माध्यम से विद्युत उत्पादन के पश्चात जल को पुनः नदी में प्रवाहित किया जाता है। कुल 3.1 किलोमीटर लंबाई में से लगभग 1 किलोमीटर में ओवर लाइनिंग कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जो परियोजना की निर्धारित समयसीमा की दिशा में निरंतर प्रगति को दर्शाता है।
टीआरटी का यह ब्रेकथ्रू अत्यंत चुनौतीपूर्ण भू-वैज्ञानिक परिस्थितियों के बीच हासिल किया गया। खुदाई के दौरान कई स्थानों पर कैविटी निर्माण, शियर जोन, भारी जल रिसाव तथा कीचड़ प्रवाह जैसी जटिल समस्याओं का सामना करना पड़ा। एक फेस पर बार-बार कैविटी सक्रिय होने और तीव्र जल प्रवाह के कारण खुदाई कार्य अस्थाई रूप से रोकना पड़ा तथा रणनीतिक रूप से विपरीत दिशा से कार्य आगे बढ़ाया गया। कमजोर एवं जल-संतृप्त चट्टानी क्षेत्र को सुरक्षित पार करने हेतु पाइप रूफिंग, ग्राउटिंग, शॉटक्रीटिंग, प्रोब ड्रिलिंग तथा मल्टी-ड्रिफ्टिंग जैसी उन्नत स्थिरीकरण तकनीकों का वैज्ञानिक ढंग से प्रयोग किया गया। सतत निगरानी और तकनीकी दक्षता के बल पर अंतिम संवेदनशील खंड को स्थिर कर ऐतिहासिक ब्रेकथ्रू प्राप्त किया गया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में परियोजना प्रमुख अजय वर्मा ने परियोजना टीम, कांट्रेक्टर (एचसीसी), अभियंताओं एवं श्रमिकों को बधाई देते हुए कहा टेल रेस टनल का यह ब्रेकथ्रू हमारे अभियंताओं और कर्मियों की प्रतिबद्धता, तकनीकी दक्षता और टीम भावना का प्रमाण है। हिमालयी भूगर्भीय परिस्थितियों ने हमें कैविटी निर्माण, भारी जल प्रवाह और कीचड़ जैसी चुनौतियों के माध्यम से कई बार परखा, लेकिन वैज्ञानिक योजना, सुदृढ़ स्थिरीकरण उपायों और कड़े सुरक्षा मानकों के बल पर हमारी टीम ने इन चुनौतियों को सफलतापूर्वक पार किया। यह उपलब्धि न केवल विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना को आगे बढ़ाती है, बल्कि राष्ट्र के लिए सतत एवं विश्वसनीय ऊर्जा उत्पादन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ करती है।”
टीआरटी का सफल ब्रेकथ्रू
टीएचडीसीआईएल की दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में जटिल जलविद्युत परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन की क्षमता को दर्शाता है तथा सतत जलविद्युत विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है।
परियोजना के पूर्ण संचालन में आने के उपरांत 444 मेगावाट की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना राष्ट्रीय ग्रिड की स्थिरता को सुदृढ़ करेगी तथा स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से देश के दीर्घकालिक ऊर्जा लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
ब्रेकथ्रू समारोह परियोजना प्रमुख (वीपीएचईपी) अजय वर्मा द्वारा औपचारिक रूप से सम्पन्न किया गया। इस अवसर पर केपी. सिंह, महाप्रबंधक (टीआरटी/पीएच/टीबीएम), आर.एस. राणा, महाप्रबंधक (ईएम) एस.पी. डोभाल, अपर महाप्रबंधक (पीएच), संजय ममगाईं, अपर महाप्रबंधक (एचएम/मैकेनिकल), अजय कुमार, अपर महाप्रबंधक (जी एंड जी), एम.के. पांडे, अपर महाप्रबंधक (ई एंड सी), आर.एस. पंवार, उप महाप्रबंधक (सीओ), वी.डी. भट्ट, वरिष्ठ प्रबंधक (एचआर एंड ए), एम.एस. कैथैत, वरिष्ठ प्रबंधक (टीआरटी), वाई.एस. चौहान, प्रबंधक (जनसंपर्क), विनोद कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर (एचसीसी), निशांत त्यागी, प्रबंधक(प्लानिंग-एचसीसी), श्री मनीष शर्मा, इंजीनियर (टीआरटी-एचसीसी), उज्ज्वल कुमार गोगोई, प्रबंधक (टीआरटी-एचसीसी)राकेश झा, भू-वैज्ञानिक (एचसीसी), गौतम विश्वास, कार्यकारी (एचआर एंड ए-एचसीसी) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

