टीएचडीसी की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बनी दुर्घटना का कारण
जिलाधिकारी ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
पीपलकोटी। विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना पीपलकोटी में मंगलवार को सुरक्षा व्यवस्था में हुई बड़ी चूक से दो लोकों ट्रेन की आपस में जबरदस्त भिडंत हो गई। जिसमें दर्जनों लोग घायल हो गए। घायलों का जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में इलाज चल रहा है।
चमोली जिले में टीएचडीसी की विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना 444 मेगावाट में कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था राम भरोसे चल रही है। जिसके चलते मंगलवार को एक बड़ी लोकों ट्रेन दुर्घटना हो गई। जिसमें 109 वर्कर सवार थे। दुर्घटना में 80 से अधिक लोग घायल हो गए। जिन्हें जिला चिकित्सालय गोपेश्वर और स्वामी विवेकानंद धर्माथ चिकित्सालय पीपलकोटी में भर्ती किया गया। जहां उपचार के बाद 70 से अधिक श्रमिकों को घर भेज दिया गया। जबकि आधा दर्जन से अधिक गंभीर घायलों का जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में इलाज चल रहा है।

जानकारी के अनुसार पीपलकोटी हाट गांव से हेलंग की ओर 13 किमी सुरंग निर्माण का कार्य टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) द्वारा किया जा रहा है। जिसमें अभी तक 8 किमी सुरंग का निर्माण किया गया है। जबकि दो किमी सुरंग का निर्माण हेलंग डेम साइट से हो चुका है। शेष तीन किमी सुरंग का निर्माण कार्य गतिमान है।
मंगलवार को रात्रि सिफ्ट में हाट गांव से टीबीएम साइट में सुरंग निर्माण कार्य के लिए श्रमिकों को ले जा रही लोकों ट्रेन 2.5 किमी पर रात्रि साढ़े आठ बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दुर्घटना का मुख्य कारण पांच किमी दूर पर माल भाड़ा लोकों ट्रेन डे शिफ्ट में खड़ा किया गया था, नाइट शिफ्ट में जब बाहर से 2.5 किमी दूरी पर लोकों ट्रेन श्रमिकों को लेकर आगे बढ़ रही थी उसी वक्त अचानक पांच किमी पर खड़ी लोकों ट्रेन अपने आप चलकर ढाई किमी पर पहुंच गई। जहां पर दोनों लोकों ट्रेन की जबरदस्त भिड़ंत होने से लोकों ट्रेन के तीन डिब्बे नीचे गिर गए जिससे बैठे श्रमिक घायल हो गए। जिनमें 109 श्रमिक सवार थे। घायलों को जिला अस्पताल गोपेश्वर भेजा गया और कम चोटिल को स्वामी विवेकानंद धर्माथ चिकित्सालय में उपचार किया गया। इस दुर्घटना में 80 से अधिक लोग घायल हो गए। जिनमें से 70 से अधिक श्रमिकों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। जबकि गंभीर घायल 6 से अधिक लोगों का जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में इलाज चल रहा है। दुर्घटना के बाद शासन – प्रशासन अलर्ट हो गया और जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। वहीं दूसरे दिन बुधवार को टीबीएम साइट दुर्घटना स्थल पहुंचकर निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल टीबीएम साइट पर सुरंग निर्माण का कार्य बंद है। वहीं दुर्घटना में प्रथम दृष्टा टीएचडीसी व एचसीसी कंपनी के सुरक्षा में बड़ी लापरवाही बताई जा रही है। पूर्व ग्राम प्रधान हाट राजेन्द्र हटवाल ने कहा कि टीएचडीसी और परियोजना निर्माण कंपनी एचसीसी की बड़ी सुरक्षा लापरवाही के कारण इतनी बड़ी दुर्घटना हुई है। उन्होंने कहा कि छह माह पूर्व डेम साइट में चट्टान टूटने से 8 लोग घायल हो गए थे। इसके बावजूद कंपनी द्वारा इससे कोई सबक नहीं लिया गया और जिसका परिणाम है कि आज इतनी बड़ी दुर्घटना हुई है।


