जोशीमठ (चमोली): सीमांत जनपद के पेंग गांव में वन पंचायत को सशक्त बनाने और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क और जनदेश संगठन (कल्प क्षेत्र) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस बैठक में ग्रामीणों ने आगामी पांच वर्षों के लिए ‘सूक्ष्म नियोजन’ तैयार करने पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि वन पंचायत क्षेत्रों में जल संरक्षण और सघन वनीकरण के माध्यम से पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित किया जाएगा। चर्चा के दौरान निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर प्रस्ताव रखे गए:
नमी संरक्षण: वनों में जल के स्रोतों को बचाने के लिए छोटी-छोटी योजनाओं का क्रियान्वयन।
सघन पौधारोपण: रिक्त पड़े वन क्षेत्रों में सघन वृक्षारोपण करना।
वन अग्नि सुरक्षा: वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाना।
जंगली जानवरों से बचाव के लिए ‘चैन फेंसिंग’ का प्रस्ताव
वन पंचायत सरपंच राकेश राणा ने बैठक में सुरक्षात्मक उपायों की मांग करते हुए कहा कि खेती को जंगली जानवरों के नुकसान से बचाने के लिए चैन फेंसिंग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। वहीं, अनुभाग अधिकारी कुलदीप नेगी ने ग्रामीणों से जन-आधारित कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
‘जनदेश’ के सचिव लक्ष्मण सिंह नेगी ने जोर देते हुए कहा, “प्रकृति के साथ-साथ मानव संसाधनों का विकास भी आवश्यक है। ग्रामीणों को अपने प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन खुद करने के लिए आगे आना होगा।” वरिष्ठ कार्यकर्ता रघुवीर सिंह चौहान ने सुझाव दिया कि वन पंचायतों को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और बैठकों का आयोजन होना चाहिए।
बैठक में शुभम कुमार, आयुष राणा, देवेंद्र बडवाल, मोहन सिंह, कुस राणा, जमन सिंह, नंदन सिंह, बलवंत सिंह समेत महिला मंगल दल की नौमा देवी, लीला देवी, आनंदी देवी, नंदी देवी, विशौधा देवी, राखी देवी और सुनीता देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


