चमोली व अन्य जनपद के घोड़ा-खच्चरों का केदारनाथ यात्रा हेतु पंजीकरण 28 मार्च 2026 से 30 मार्च 2026 तक किया जाएगा।
चमोली।जनपद चमोली व अन्य जिलों के घोड़ा-खच्चर संचालकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले पांच वर्षों से केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पंजीकरण की समस्या से जूझ रहे स्थानीय संचालकों के लिए अब रास्ते खुल गए हैं। कांग्रेस जिला प्रवक्ता राकेश सेंजवाल और पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भरत राणा के निरंतर प्रयासों और पैरवी के बाद शासन ने इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लिया है।
भरत राणा ने कहा कि विगत 5 वर्षों से केदारनाथ यात्रा के दौरान चमोली जनपद के घोड़ा-खच्चर संचालकों का पंजीकरण नहीं किया जा रहा था, जिससे स्थानीय युवाओं और संचालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। इस गंभीर विषय को लेकर बीते माह राकेश सेंजवाल और भरत राणा ने चमोली जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा था।
ज्ञापन में चमोली के संचालकों को भी केदारनाथ यात्रा में लाइसेंस और पंजीकरण की अनुमति देने की पुरजोर मांग की गई थी। शासन ने इस मांग पर संज्ञान लेते हुए चालू यात्रा सीजन के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को हरी झंडी दे है।
चमोली व अन्य जनपद के घोड़ा-खच्चरों का केदारनाथ यात्रा हेतु पंजीकरण 28 मार्च 2026 से 30 मार्च 2026 तक किया जाएगा।
कांग्रेस के जिला प्रवक्ता राकेश सेजवाल के कहा”यह चमोली के उन सैंकड़ों परिवारों की जीत है जिनका रोजगार केदारनाथ यात्रा पर निर्भर है। पांच साल के लंबे अंतराल के बाद प्रशासन का यह निर्णय स्वागत योग्य है।
इस निर्णय के बाद स्थानीय घोड़ा-खच्चर संचालकों में खुशी की लहर है। जानकारों का मानना है कि इस पहल से न केवल स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, बल्कि यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में भी मदद मिलेगी।


