मांगों पर नहीं हो रही कार्रवाई, प्रभावितों में आपदा के बीते नौ माह आक्रोश

jantakikhabar
0 0
cropped-AAPNKHABAR-1.jpg
Read Time:3 Minute, 51 Second

चमोली जिले के जोशीमठ आपदा प्रभावितों के साथ बीते अप्रैल – माह में 11 सूत्रीय मांगों पर मुख्यमंत्री के साथ हुई सहमति वार्ता पर नौ माह बीत जाने के – बाद भी कोई सकारात्मक पहल – न होने से आपदा प्रभावित अपने – को ठगा सा महसूस कर रहे। – जिसको लेकर शुक्रवार को जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति – की ओर से शुक्रवार को एक – दिवसीय धरना दिया गया तथा – एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी – जोशीमठ के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेज कर मांग पर ठोस कार्रवाई करने की मांग की है। जोशीमठ बचाओ संघर्ष – समिति के संयोजक अतुल सती  और प्रवक्ता कमल रतूड़ी ने कहा – कि जोशीमठ में भूधंसाव के – कारण मकानों और जमीन पर आयी दरारों के कारण लोगों को  अपने घरों और जमीन से बेदखल होना पड़ा है। सरकार से मुआवजा और जोशीमठ को बचाने के लिए ठोस प्लानिंग किये जाने को लेकर प्रभावितों ने एक लंबा आंदोलन भी किया जिसके बाद मुख्यमंत्री के साथ 11 सूत्रीय मांग पर सहमति बनी और आंदोलन को स्थगित किया गया। लेकिन नौ माह का लंबा समय गुजर जाने के बाद भी अभी तक सरकार की ओर से नौ सूत्रीय मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की है। जिससे लोगों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि मुआवजा मिलना तो दूर जिन 150 से ज्यादा घरों का चिन्हीकरण सर्वेक्षण होना था, वह भी चार माह से लगातार टलता जा रहा है। आपदा प्रभावित अभी भी अपने भविष्य को लेकर निश्चित नहीं नहीं हैं। । कोई ठोस, व्यावहारिक और व्यापक विस्थापन पुनर्वास नीति के अभाव में यह और भी अधिक चिंता बढ़ाने वाला है। पूरे देश दुनिया का जोशीमठ की आपदा ने ध्यान आकर्षित किया है, जिससे पर्यावरण एवम हिमालय के विकास ढांचे पर सर्वत्र एक बहस और चिंता जाग्रत हुई है। ऐसे में प्रभावितों को ऐसे असमंजस में रखना और जोशीमठ की सुरक्षा के उपायों को लम्बे समय तक टालना न सिर्फ सभी जोशीमठ के लिए चिन्तित लोगों की उपेक्षा है बल्कि यह स्वयं सरकार की मंशा और कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिन्ह है।

उन्होंने सरकार से मांग की है कि अप्रैल माह में बनी सहमति के अनुरूप 11 सूत्री मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की जाए, जोशीमठ नगर के स्थिरीकरण एवम प्रभावितों के विस्थापन पुनर्वास हेतु विस्तृत व्यापक ठोस व्यावहारिक विस्थापन पुनर्वास नीति बनाई जाए, जोशीमठ के पुनर्निर्माण स्थिरीकरण एवम विस्थापन पुनर्वास कार्यों की निगरानी के लिए निगरानी समिति बनाई जाए, जिससे गुणवता पूर्ण समयबद्ध कार्य सुनिश्चित हो सके। इस समिति में जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति को अनिवार्य तौर पर शामिल किया जाए

Avatar

About Post Author

jantakikhabar

9897129437 गोपेश्वर चमोली ranjeetnnegi@gmail.com
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

शीतकालीन चारधाम तीर्थ यात्रा करेंगे, शङ्कराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती महाराज

27 दिसम्बर 2023 से 2 जनवरी  2024 तक  चलेगी ये यात्रा । चमोली। शीतकाल के छः मास उत्तराखण्ड के चार धामों की बागडोर देवताओं को सौंप दी जाती है। और उन स्थानों पर प्रतिष्ठित चल मूर्तियों को शीतकालीन पूजन स्थलों में  विधि-विधान से उत्सव सहित विराजमान कर दिया जाता है […]

You May Like

Subscribe US Now

Share