चमोली। चमोली जिले में पुलिस ने एक महीने से उलझी ‘ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री’ का पर्दाफाश कर दिया है। अलकनंदा नदी के किनारे मिले अज्ञात शव की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने एक ऐसे चेहरे को बेनकाब किया है, जो समाज में ‘प्रतिष्ठित’ जनप्रतिनिधि बनकर घूम रहा था। पुलिस ने इस मामले में क्षेत्र पंचायत सदस्य को गिरफ्तार किया है।
मामले की शुरुआत 10 मार्च को हुई, जब कर्णप्रयाग के लंगासू क्षेत्र में चण्डिका माता मंदिर के नीचे अलकनंदा नदी के तट पर एक अज्ञात शव बरामद हुआ। शव के हाथ-पैर प्लास्टिक की रस्सी से बंधे थे, जिससे साफ था कि यह साधारण मौत नहीं बल्कि सोची-समझी हत्या है। मृतक के हाथ पर ‘SOORAJ PUROHIT’ गुदा हुआ था, लेकिन कोई पहचान पत्र न होने के कारण शिनाख्त नहीं हो सकी। 72 घंटे बाद पुलिस ने फिंगरप्रिंट लेकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
चमोली पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन में गठित SIT और SOG की टीम के लिए मृतक के हाथ पर लिखा नाम ही सबसे बड़ा सुराग बना। पुलिस ने ‘पुरोहित’ सरनेम वाले गांवों की खाक छानी। इस दौरान बमोथ गांव के एक व्हाट्सएप ग्रुप में सूरज पुरोहित नाम का व्यक्ति मिला। सर्विलांस और सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने के बाद, 23 मार्च को मृतक की पत्नी मंजू देवी ने शव की पहचान अपने पति सूरज के रूप में की।
पुलिस जांच के दौरान शक की सुई नरेन्द्र तोपाल पर घूमी, जिसके साथ सूरज काम करता था। कड़ाई से पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्यों के सामने आरोपी टूट गया, 16 फरवरी की रात की सीसीटीवी फुटेज में आरोपी नरेन्द्र तोपाल अपनी अल्टो कार (UK12A 3212) की डिग्गी में शव को कट्टे में भरकर ले जाते हुए और बाद में कार धोते हुए नजर आया, आरोपी ने सूरज की हत्या करने के बाद उसके हाथ-पैर बांधे और शव को झूलाबगड़ पुल से अलकनंदा नदी में फेंक दिया। सबूत मिटाने के लिए मृतक का मोबाइल भी नदी में बहा दिया गया था।आरोपी नरेन्द्र तोपाल, जो वर्तमान में सरतोली से क्षेत्र पंचायत सदस्य है, ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है


