देहरादून। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में वीआईपी दर्शनों को लेकर उठ रहे विवादों के बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा, विशेषकर बदरी-केदार में ‘वीआईपी दर्शन’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि धामों में सभी श्रद्धालु समान हैं और सभी को मर्यादा के अनुरूप ही दर्शन कराए जा रहे हैं। उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग जानबूझकर इस विषय को तूल देकर इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
‘मर्यादा और व्यवस्था का रखा जा रहा ध्यान’
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार और मंदिर समिति का मुख्य ध्येय सुगम और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। उन्होंने आग्रह किया कि यात्रा को लेकर भ्रामक प्रचार न किया जाए, क्योंकि इससे श्रद्धालुओं की भावनाओं और राज्य की छवि पर असर पड़ता है।
राजनीतिक तूल देने का आरोप
भट्ट ने दोहराया कि दर्शन की व्यवस्थाएं पारदर्शी हैं और ‘वीआईपी कल्चर’ के आरोपों में कोई वास्तविकता नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वे इस तरह के विषयों को उठाकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में धामों में विशिष्ट लोगों को दी जाने वाली कथित प्राथमिकता को लेकर चर्चाएं गर्म थीं, जिस पर अब सत्तापक्ष ने अपना रुख साफ कर दिया है।


