द टॉसब्रिज स्कूल के संस्कार एवं स्थापना दिवस समारोह में विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र, बोले—पांच साल में 35 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को द टॉसब्रिज स्कूल में आयोजित संस्कार दिवस एवं स्थापना दिवस समारोह में विद्यार्थियों को संस्कार, अनुशासन, ईमानदारी और जीवन मूल्यों का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल करियर बनाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक अच्छा इंसान बनाना भी है। आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं का ज्ञान भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बड़े सपने देखने के साथ उन्हें साकार करने के लिए निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प जरूरी है। विद्यार्थियों को डॉ. कलाम की आत्मकथा ‘विंग्स ऑफ फायर’ पढ़कर उनके जीवन संघर्षों से सीख लेनी चाहिए।
उन्होंने विद्यालय के ध्येय वाक्य ‘ज्ञानं भारः क्रियां बिना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि कर्म के बिना ज्ञान अधूरा है। ज्ञान तभी सार्थक होता है, जब उसका उपयोग समाज और राष्ट्र के हित में किया जाए। भारतीय संस्कृति की ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना का उल्लेख करते हुए उन्होंने सभी के प्रति सम्मान, बड़ों का आदर और जरूरतमंदों की सहायता को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत प्रौद्योगिकी, नवाचार और आधुनिक विज्ञान के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान और कौशल हासिल करने के साथ योग, ध्यान, अनुशासन और संस्कारों को भी अपनाना चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मकता और कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
पारदर्शी भर्ती व्यवस्था से 35 हजार युवाओं को नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के तहत पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। सरकार युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है, ताकि वे रोजगार पाने के साथ दूसरों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर सकें।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मेहनत, अनुशासन, ईमानदारी और लगातार सीखने की इच्छा ही सफलता की असली कुंजी हैं। असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेकर लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को पूरा करने में शिक्षित, संस्कारित और आत्मनिर्भर युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि विद्यालय के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और अच्छे संस्कारों के बल पर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।

