कर्णप्रयाग। उपभोक्ताओं को सुरक्षित और पारदर्शी गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को चमोली प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। उपजिलाधिकारी सोहन सिंह रांगण और पूर्ति विभाग की टीम ने सिमली स्थित इंडेन गैस गोदाम कर्णप्रयाग का औचक निरीक्षण किया और क्षेत्र के कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों में छापेमारी की।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने स्टॉक की सघन जांच की। स्टॉक में 14.2 किग्रा, 10 किग्रा और 5 किग्रा के घरेलू व कमर्शियल सिलेंडर मानक के अनुसार भरे हुए पाए गए। हालांकि, वजन और गुणवत्ता में कोई कमी नहीं मिली, लेकिन एरिया मूवमेंट प्लान और वितरण पर्चियों के रिकॉर्ड में भारी अव्यवस्था पाई गई एसडीएम ने एजेंसी संचालक को चेतावनी देते हुए ग्रामवार और बाजारवार वितरण व्यवस्था सुधारने को कहा।
गोदाम के निरीक्षण के बाद प्रशासन, पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने कर्णप्रयाग के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान कई होटलों और मिठाई की दुकानों में गैस सिलेंडरों के रिकॉर्ड में हेराफेरी और घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग होता मिला।
प्रशासन ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से कुल 20 व्यावसायिक और 4 घरेलू सिलेंडर कब्जे लिए गए”उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गैस वितरण में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के औचक निरीक्षण भविष्य में भी जारी रहेंगे।”
— सोहन सिंह रांगण, उपजिलाधिकारी


