चमोली। ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती नशाखोरी और उससे बिगड़ते सामाजिक परिवेश को सुधारने के लिए ग्राम पंचायत व्यारा की महिलाओं ने एक ऐतिहासिक पहल की है। महिला मंगल दल की अगुवाई में आयोजित एक बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब पूरे ग्राम पंचायत क्षेत्र में किसी भी सार्वजनिक कार्य, शादी-समारोह या उत्सव में शराब का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
बैठक में महिलाओं ने एकजुटता दिखाते हुए ऐलान किया कि यदि कोई भी व्यक्ति इस नियम का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उस पर ₹21,000 का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। इतना ही नहीं, नियम तोड़ने वाले व्यक्ति का सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा। महिलाओं का कहना है कि शराब के कारण न केवल युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है, बल्कि गांवों की शांति और आर्थिक स्थिति पर भी गहरा प्रहार हो रहा है।
इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए ग्राम प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपना पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को जड़ से मिटाने के लिए इस प्रकार के कठोर निर्णय लेना समय की मांग है।
इस निर्णय के बाद से पूरे क्षेत्र में महिला मंगल दल के साहस और उनकी इस पहल की सराहना की जा रही है। ग्रामीणों को विश्वास है कि इस कदम से आने वाली पीढ़ी को एक स्वस्थ वातावरण मिल सकेगा।
बृज लाल पूर्व प्रधान ब्यारा ने कहा गाँव के विकास और सुख-शांति के लिए नशामुक्त समाज का होना अनिवार्य है। मातृशक्ति द्वारा लिया गया यह निर्णय स्वागत योग्य है और पूरा पंचायत प्रशासन इसमें उनके साथ खड़ा है।
इस अवसर पर राजेंद्र सिंह ग्राम प्रधान, संगीता देवी क्षेत्र पंचायत सदस्य, हरेन्द्र सिंह अध्यक्ष नवयुवक मंगल दल, सुशीला देवी पूर्व महिला मंगल अध्यक्ष, रघुवीर बिष्ट वन सरपंच,वृजलाल एवं सुंदर फर्स्वाण पूर्व प्रधान, विनोद फरस्वाण, सबर सिंह, दिनेश फर्स्वाण, धर्मेंद्र सिंह,मंजू देवी,सीता देवी विमला देवी,मधु देवी,बंदना देवी सहित ग्राम पंचायत के अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

