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चमोली में वरिष्ठ काग्रेश नेताओं में शुमार है,गौरव फर्स्वाण
चमोली।चमोली जिले के दशोली विकासखंड से कांग्रेस के कद्दावर नेता और क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ रखने वाले गौरव फर्स्वाण के हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने जिले की राजनीति में भूचाल ला दिया है। फर्स्वाण की इस “नाराजगी” के बाद अब कयासों का बाजार गर्म है कि क्या कांग्रेस को आने वाले समय में कोई बड़ा झटका लगने वाला है।
गौरव फर्स्वाण ने अपने पोस्ट में खुद को एक ‘कांग्रेसी कार्यकर्ता मिस्त्री’ बताते हुए लिखा कि वह ‘विश्वकर्मा’ की भूमिका में हैं। उन्होंने बेहद प्रतीकात्मक लहजे में अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा
“मुझे अब यह समझ नहीं आ रहा है कि किस देवता का घर बनाना अभी बाकी रह गया है।”
राजनीतिक विश्लेषक इस बयान के गहरे अर्थ निकाल रहे हैं। जानकारों का मानना है कि ‘मिस्त्री’ और ‘घर बनाने’ की बात कहकर गौरव ने यह संकेत दिया है कि उन्होंने पार्टी को मजबूत करने के लिए जमीन पर मेहनत तो खूब की, लेकिन अब उन्हें अपनी भूमिका और भविष्य को लेकर संशय है।
सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के वायरल होते ही चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि क्या गौरव फर्स्वाण कांग्रेस से मोहभंग के चलते अब किसी दूसरे दल का रुख कर सकते हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या वह दूसरों का घर बनाते-बनाते अब अपना ‘सियासी घर’ बसाने की योजना बना रहे हैं?
दशोली ब्लॉक में गौरव फर्स्वाण की सक्रियता और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता को देखते हुए, यदि वह कोई कड़ा फैसला लेते हैं, तो यह स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। फिलहाल, संगठन के आला नेताओं की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन अंदरखाने डैमेज कंट्रोल की कोशिशें शुरू होने की चर्चा है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि गौरव की यह नाराजगी किसी ‘देवता’ शीर्ष नेतृत्व के मनाने से दूर होती है या फिर चमोली की राजनीति में कोई नया ‘धमाका’ देखने को मिलेगा।


