अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन
गोपेश्वर (चमोली)।अंकिता भंडारी हत्याकांड की सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग, उधमसिंहनगर में किसान आत्महत्या की घटनाओं, सोशल मीडिया पर अंकिता हत्याकांड को लेकर की जा रही कथित भ्रामक चर्चाओं, वीआईपी की जाति बताकर मामले को जाति-धर्म से जोड़ने, केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने सहित विभिन्न जनमुद्दों को लेकर शुक्रवार को जिला मुख्यालय गोपेश्वर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने नगर कांग्रेस अध्यक्ष गोपेश्वर योगेन्द्र बिष्ट के नेतृत्व में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद महेन्द्र भट्ट के गोपेश्वर आगमन पर काले झंडे दिखाकर नारेबाजी की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस प्रशासन के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक होती रही, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई।कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकार अंकिता हत्याकांड में प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो पा रही है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके। साथ ही उधमसिंहनगर में किसान आत्महत्या की घटना को लेकर सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़े किए गए।प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंकिता हत्याकांड को किसी जाति या धर्म से जोड़ने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे समाज को बांटने की साजिश की जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने को गरीबों और मजदूरों के हितों पर कुठाराघात बताया।स्थिति बिगड़ने पर पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।इस अवसर पर पीसीसी सदस्य अरविंद नेगी, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष धीरेन्द्र गरोड़िया, सभासद सूर्या पुरोहित, सभासद मनमोहन नेगी, सभासद उमेश सत्ती, लीला रावत, विजया कंडारी, मंजू देवी, विक्रम नेगी, मनमोहन ओहली, मदन सेमवासी, मुकुल बिष्ट, रविन्द्र वर्तवाल, किशन वर्तवाल सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।


