चमोली। जहां एक ओर सरकार “4 साल बेमिसाल” का जश्न मनाकर अपनी उपलब्धियां गिना रही है, वहीं दूसरी ओर जनपद चमोली का निजमुला-विरही सड़क मार्ग विकास के दावों की पोल खोल रहा है। पिछले तीन वर्षों से निर्माणाधीन यह सड़क मार्ग आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है, जिससे क्षेत्र की हजारों की आबादी को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस महत्वपूर्ण सड़क मार्ग का निर्माण कार्य कछुआ गति से चल रहा है। तीन साल बीत जाने के बाद भी सड़क का निर्माण पूर्ण नहीं हो सका है। अधूरा निर्माण न केवल आवाजाही में बाधा उत्पन्न कर रहा है, बल्कि आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं का कारण भी बन रहा है।घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग का आरोप
क्षेत्रवासियों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि
सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है।
कार्य में अत्यंत घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे सड़क बनने के साथ ही उखड़ने लगी है।दीवारों और पुश्तों के निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता इतनी खराब है कि वे पहली बारिश भी नहीं झेल पाएंगे। लेकिन धरातल पर हमारे गांव की सड़क तीन साल में भी नहीं बन पाई।
निजमुला घाटी के लोग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद विभाग और ठेकेदारों के कान पर जूं नहीं रेंग रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गुणवत्तापूर्ण कार्य के साथ सड़क मार्ग को दुरुस्त नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।

