कर्णप्रयाग/चमोली
उत्तराखंड पुलिस की तत्परता और ‘मित्र पुलिस’ के मानवीय चेहरे ने एक बार फिर एक परिवार की खुशियाँ लौटने में कामयाबी हासिल की है। कर्णप्रयाग पुलिस ने डायल 112 पर मिली सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, घर से बिना बताए निकले एक नाबालिग बालक को महज कुछ ही घंटों के भीतर सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
क्या था मामला?
दिनांक 24 मार्च 2026 को कर्णप्रयाग निवासी एक युवक ने आपातकालीन नंबर 112 के माध्यम से पुलिस को सूचित किया कि उनका 17 वर्षीय छोटा भाई सुबह से लापता है। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजन किसी अनहोनी की आशंका से बेहद घबरा गए थे।
पुलिस की सक्रियता और सीसीटीवी का जाल
सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए चौकी प्रभारी लंगासू, उप-निरीक्षक अमनदीप सिंह के नेतृत्व में तत्काल एक टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए कर्णप्रयाग और लंगासू क्षेत्र के दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। घंटों की मशक्कत के बाद एक धुंधली फुटेज में बालक श्रीनगर की ओर जा रहे एक वाहन में सवार दिखाई दिया।
तीनधारा के पास रोका गया वाहन
सीसीटीवी से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने स्थानीय वाहन चालकों से संपर्क साधा और संबंधित वाहन के स्वामी का पता लगा लिया। पुलिस की सूझबूझ और सटीक समन्वय के कारण उक्त वाहन को तीनधारा के पास सफलतापूर्वक रोक लिया गया, जहाँ बालक सुरक्षित पाया गया।
काउंसलिंग के बाद माता को सौंपा
बालक को सकुशल चौकी लंगासू लाया गया, जहाँ पुलिस अधिकारियों द्वारा उसकी उचित काउंसलिंग की गई। इसके पश्चात उसे उसकी माता के सुपुर्द कर दिया गया। अपने लाल को सुरक्षित देख माँ की आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। परिजनों ने पुलिस प्रशासन की इस त्वरित कार्यप्रणाली की जमकर सराहना की और कर्णप्रयाग पुलिस का आभार व्यक्त किया।


