10 सूत्रीय मांगों को लेकर परेड ग्राउंड से सचिवालय तक कूच, सरकार ने गठित की चार सदस्यीय समिति
देहरादून। मानदेय में बढ़ोतरी समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार को प्रदेशभर के ग्राम प्रधानों ने राजधानी देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष योगिता कैंतुरा रावत के नेतृत्व में पौड़ी, टिहरी, हरिद्वार, देहरादून समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे ग्राम प्रधान परेड ग्राउंड में एकत्र हुए। यहां से सचिवालय कूच के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की ओर से लगाई गईं दो बैरिकेडिंग गिरा दीं और आगे बढ़ते हुए जमकर नारेबाजी
दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुए कूच के दौरान माहौल काफी देर तक गरमाया रहा। ग्राम प्रधान अपनी मांगों पर ठोस निर्णय लेने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों के साथ वार्ता की।
उच्चस्तरीय समिति बनाने के आश्वासन पर समाप्त हुआ आंदोलन
पंचायती राज निदेशक निधि यादव और शासन के अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में गृह सचिव तथा सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगौली ने ग्राम प्रधानों की मांगों पर विचार के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन समाप्त कर दिया।
मांगों के परीक्षण के लिए चार सदस्यीय समिति गठित
सरकार ने ग्राम प्रधानों की 10 सूत्रीय मांगों के परीक्षण के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति की अध्यक्षता सचिव पंचायती राज करेंगे। पंचायती राज निदेशक को संयोजक बनाया गया है, जबकि वित्त सचिव और ग्राम्य विकास सचिव समिति के सदस्य होंगे। समिति मांगों का परीक्षण कर उनके संबंध में विचार करेगी।
ये हैं ग्राम प्रधानों की प्रमुख मांगें
– ग्रामप्रधानों के मानदेय में बढ़ोतरी की जाए।
– ग्राम प्रधानों का स्वास्थ्य बीमा कराया जाए।
– केंद्रीय और वित्त आयोग की धनराशि का वितरण जनसंख्या के आधार पर किया जाए।
– वीबी-जी राम जी योजना में हाजिरी दर्ज करने की व्यवस्था ऑफलाइन की जाए।
– ग्राम प्रधानों की अन्य लंबित मांगों पर भी ठोस निर्णय लिया जाए।


