नुक्कड़ नाटक और जागरूकता रैली से दिया नशामुक्ति का संदेश, युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील
देहरादून। नशामुक्त भारत अभियान के तहत गुरुवार को पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, हरबर्टपुर में जागरूकता कार्यशाला और रैली आयोजित की गई। कार्यक्रम में एक हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग कर नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया। वक्ताओं ने नशे को युवा पीढ़ी और समाज के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए इससे दूर रहने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य अवनिन्द्र बड़थ्वाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए किया। उन्होंने कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति युवाओं के भविष्य के साथ समाज के लिए भी चिंता का विषय है। विद्यार्थियों को स्वयं नशे से दूर रहकर अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना चाहिए।
कार्यशाला से पहले छात्र-छात्राओं ने नशामुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसके माध्यम से नशे के कारण स्वास्थ्य, शिक्षा, पारिवारिक जीवन और सामाजिक व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को दर्शाया गया। विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
कार्यशाला में उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी मोहन सिंह खत्री, परिषद की महासचिव आशा रानी पैन्यूली, अभियान प्रभारी सुनील जोशी, संयुक्त सचिव ज्योत्सना खत्री, आनंद मणि सेमवाल, सामाजिक कार्यकर्ता एवं मेंटर रमेश खत्री, किरण खंडूड़ी और विजय लक्ष्मी रावत सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वक्ताओं ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को भी प्रभावित करता है। नशे की प्रवृत्ति अपराध, हिंसा और सामाजिक विघटन जैसी समस्याओं को बढ़ावा दे सकती है। युवा पीढ़ी को इससे बचाने के लिए परिवार, विद्यालय और समाज को मिलकर प्रयास करने होंगे।
परिषद की महासचिव आशा रानी पैन्यूली ने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने और नशामुक्ति अभियान के दूत बनकर इसके संदेश को घर-परिवार, मित्रों और समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही स्वस्थ और नशामुक्त समाज का निर्माण संभव है।
कार्यशाला के बाद हरबर्टपुर क्षेत्र में जागरूकता रैली निकाली गई। इसमें छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने नारों और संदेशों के माध्यम से आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों से “नशे को ना, जीवन को हां—नशामुक्त युवा, स्वस्थ समाज और विकसित भारत” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की गई।
उल्लेखनीय है कि देहरादून जनपद में नशामुक्त भारत अभियान भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तत्वावधान में जिला समाज कल्याण विभाग के सहयोग से उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य जनजागरूकता के माध्यम से नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर अंकुश लगाना और स्वस्थ समाज के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।


