ज्योर्तिमठ। भारत सरकार की वित्तपोषित योजना के तहत सलूड–डूंगरा–सेलंग मोटर मार्ग के 8.5 किलोमीटर चौड़ीकरण एवं सुधारीकरण कार्य के लिए लगभग 8 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई थी। विभागीय अभिलेखों के अनुसार निर्माण कार्य प्रारंभ करने की तिथि 15 फरवरी 2024 तथा कार्य पूर्ण करने की निर्धारित तिथि 2 फरवरी 2025 थी।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य भरत कुंवर ने कहा कि निर्धारित अवधि के दौरान सड़क निर्माण कार्य अपेक्षित गति से नहीं हुआ। उनका कहना है कि कई स्थानों पर केवल पुरानी दीवारों को हटाने और पुराने डामर को उखाड़ने जैसे सीमित कार्य किए गए, जबकि अधिकांश निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया।
उन्होंने का दावा है कि निर्धारित समय में कार्य पूरा न होने के बावजूद विभाग ने नियमों के विपरीत ठेकेदार को एक वर्ष का समय विस्तार दे दिया। उनका आरोप है कि समय वृद्धि मिलने के बाद भी निर्माण कार्य लगभग पूरी तरह बंद रहा।
जन शिकायतों के बाद जिलाधिकारी ने सड़क का निरीक्षण कर संबंधित विभाग को जून 2026 तक निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि जिलाधिकारी के निर्देशों के बावजूद न तो निर्माण कार्य में तेजी आई और न ही ठेकेदार के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई की गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अब तक केवल लगभग 40 प्रतिशत कार्य ही पूरा हुआ है, जबकि करीब 70 प्रतिशत भुगतान किए जाने की बात सामने आ रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वित्तीय अनियमितताओं की पड़ताल करने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई, टेंडर निरस्त करने और ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है।


