ज्योर्तिमठ। ज्योर्तिमठ-औली मोटर मार्ग पर गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर ‘सुसाइड पॉइंट बैंड’ के पास मुख्य सड़क से नीचे दूसरी सड़क पर जा गिरी। इस भयानक हादसे में कार सवार तीन लोग बाल-बाल बच गए। दुर्घटना के तुरंत बाद एक स्थानीय युवक की सजगता और भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) की त्वरित कार्रवाई के चलते तीनों घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।
तीखे मोड़ पर खोया नियंत्रण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को एक कार जोशीमठ से पर्यटकों के प्रसिद्ध स्थल औली की ओर जा रही थी। जैसे ही वाहन आईटीबीपी परिसर से आगे ‘सुसाइड पॉइंट बैंड’ के समीप पहुँचा, तभी एक तीखे मोड़ को काटते समय रफ्तार तेज होने के कारण चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा। नियंत्रण खोते ही कार सड़क से नीचे सीधे दूसरी सड़क पर जा पलटी। कार के पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। गनीमत यह रही कि इस भीषण दुर्घटना के बावजूद कार में सवार तीनों यात्रियों को सिर्फ हल्की चोटें आईं और कोई जनहानि नहीं हुई।
संकट के समय देवदूत बने हेमू डिमरी
जिस वक्त यह हादसा हुआ, वहाँ से जोशीमठ के रवि ग्राम निवासी स्थानीय युवक हेमू (हेमंत) डिमरी गुजर रहे थे। कार को पलटता देख उन्होंने बिना एक पल गँवाए अपनी गाड़ी रोकी और तुरंत दुर्घटनाग्रस्त वाहन की ओर दौड़े। हेमू डिमरी ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए कार में फंसे तीनों घायल यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके तुरंत बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस प्रशासन को हादसे की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम भी तुरंत मौके पर पहुँच गई।
ITBP की प्रथम वाहिनी ने दिखाई तत्परता, तुरंत दिया घायलों को उपचार
घायलों को त्वरित इलाज दिलाने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रयास तेज किए गए। भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) की प्रथम वाहिनी के कमांडिंग ऑफिसर विजय कुमार को फोन पर घटना और घायल यात्रियों की स्थिति की तत्काल जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही कमांडिंग ऑफिसर ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अपनी मेडिकल टीम को तुरंत ‘एक्शन मोड’ में आने के निर्देश दिए।
आईटीबीपी की मेडिकल टीम ने बिना समय गंवाए तीनों चोटिल यात्रियों का प्राथमिक और आवश्यक उपचार शुरू कर दिया। सेना के डॉक्टरों की मुस्तैदी के कारण तीनों घायलों को सही समय पर इलाज मिल सका, जिससे उनकी स्थिति अब पूरी तरह स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।
आपसी सहयोग की मिसाल बना यह रेस्क्यू
इस सफल रेस्क्यू और त्वरित उपचार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संकट के समय यदि समाज और सुरक्षा बल मिलकर प्रयास करें, तो हर जिंदगी को सुरक्षित बचाया जा सकता है। स्थानीय लोगों ने युवक हेमू डिमरी के साहस और आईटीबीपी के कमांडिंग ऑफिसर विजय कुमार सहित पूरी मेडिकल टीम की तत्परता की जमकर सराहना की है। सचमुच, आपसी सहयोग और सजगता से ही ऐसे हादसों में लोगों की जान बचाई जा सकती है।


