देहरादून। श्रीरामलीला समिति दुर्गा मंदिर, डाकरा बाजार गड़ी कैंट में आयोजित 101वें वार्षिक श्रीरामलीला समारोह में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। शनिवार को आयोजित लंकादहन प्रसंग के अवसर पर समिति की ओर से आमंत्रित अतिथियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस दौरान श्रीरामभक्तों ने भगवान श्रीराम के जयकारों के साथ धार्मिक आयोजन में सहभागिता की।
कार्यक्रम में उत्तराखंड कांग्रेस के सचिव एवं पार्षद वार्ड संख्या-1 सुशांत बोहरा (चुट्टू भाई), समाजसेवी मोहन खत्री तथा हुकुम सिंह चौहान को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। श्रीरामलीला समिति की ओर से अतिथियों का स्वागत करते हुए उनके सामाजिक योगदान और आयोजन के प्रति सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया।
समिति ने कहा कि श्रीरामलीला केवल धार्मिक मंचन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, मर्यादा, आदर्शों और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। भगवान श्रीराम के जीवन से सत्य, धर्म, त्याग, कर्तव्य और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा मिलती है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है।
लंकादहन का प्रसंग श्रीरामलीला के प्रमुख और प्रेरणादायी प्रसंगों में से एक है। यह अधर्म पर धर्म की विजय और बुराई के अंत का संदेश देता है। आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेने का संदेश भी दिया।
श्रीरामलीला समिति ने सभी अतिथियों, रामभक्तों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके अमूल्य निस्वार्थ सहयोग से ही यह धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है। समिति ने भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग और सहभागिता बनाए रखने की अपील की।

