पब्लिक इंटर कॉलेज में नशामुक्ति अभियान के तहत विद्यार्थियों ने निकाली रैली, नुक्कड़ नाटक से बताए नशे के दुष्परिणाम
चित्रकला और निबंध प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राएं सम्मानित, चिकित्सकों ने किया स्वास्थ्य परीक्षण
डोईवाला। नशे के खिलाफ जंग केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। नशा जहां व्यक्ति के भविष्य को अंधकारमय बनाता है, वहीं परिवार की खुशियां छीनकर सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर करता है। ऐसे में युवाओं को नशे से दूर रखकर एक स्वस्थ और जागरूक समाज का निर्माण करना बेहद जरूरी है। इसी संदेश के साथ सोमवार को पब्लिक इंटर कॉलेज में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने जागरूकता रैली निकालकर नशे के खिलाफ आवाज बुलंद की। वहीं, नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि शिक्षा विभाग की पूर्व अपर निदेशक एवं उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद की महासचिव आशा रानी पैन्यूली ने कहा कि नशा व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को विनाश की ओर ले जाता है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए जागरूकता, सही मार्गदर्शन और सामाजिक सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
रैली निकालकर दिया नशामुक्त समाज का संदेश
विद्यालय परिसर से निकाली गई जागरूकता रैली में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने नगर में भ्रमण कर लोगों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के प्रति सचेत किया। रैली के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संदेश दिया गया। संभव कला मंच की टीम ने नुक्कड़ नाटक के जरिए नशे की गिरफ्त में आने से व्यक्ति और उसके परिवार पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से लोगों को नशे से बचने और जागरूकता अभियान में भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान नशामुक्ति विषय पर आयोजित चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं मेघा, आयशा, जिया, आयशा सलीम, वरदान थापा और शिफा को प्रमाणपत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के साथ ही उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने गढ़वाली और नेपाली लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में सांस्कृतिक छटा बिखेरी। रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
नशे से दूर रहने का किया आह्वान
परिषद के उपाध्यक्ष मोहन खत्री, सुनील जोशी और विद्यालय के प्रबंधक मनोज नौटियाल ने भी विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा का उपयोग शिक्षा, खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों और समाजहित के कार्यों में होना चाहिए। नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों को मिलकर प्रयास करने होंगे।
स्वास्थ्य परीक्षण कर बांटीं निशुल्क दवाइयां
कार्यक्रम के तहत सामाजिक जागरूकता के साथ विद्यार्थियों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा गया। चिकित्सकों डॉ. राकेश, डॉ. नैंसी, नितिका और माया ने छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यकतानुसार निशुल्क दवाइयां वितरित कीं। इससे विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी मिला।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अंकित डोबरियाल ने अतिथियों, आयोजकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक अश्वनी गुप्ता ने किया।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति के तेजपाल सिंह सहित शिक्षक आलोक जोशी, भुवनेश वर्मा, पूजा जोशी, राधा गुप्ता, ओम प्रकाश काला, रतनेश द्विवेदी, अवधेश सेमवाल, विवेक बधानी, सुदेश सहगल, तेजवीर सिंह, श्यामानंद, विदुषी, अर्चना पाल, आफरीन अंसारी और प्रिया दीपक पाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

