चमोली। कांग्रेस के ‘भूमि बचाओ अभियान’ पर भाजपा ने पलटवार करते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में हुए भूमि आवंटन और कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं। भाजपा ने नैनीसार, धौलास, टाटा मोटर्स-सिडकुल और नदी तटवर्ती भूमि से जुड़े मामलों का हवाला देते हुए कांग्रेस से अपने शासनकाल का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की
भाजपा की ओर से 20 बिंदुओं के माध्यम से कांग्रेस को घेरा गया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि हरीश रावत सरकार के कार्यकाल में नैनीसार में 7.061 हेक्टेयर पंचायत भूमि 1,200 रुपये सालाना किराये पर 30 साल की लीज पर आवंटित की गई थी। इसके विरोध में 381 लोगों पर मुकदमे दर्ज हुए थे। वहीं धौलास में शैक्षणिक संस्थान के नाम पर करीब 20 एकड़ जमीन खरीदने की अनुमति और बाद में हुए भूखंडों के बंटवारे पर भी सवाल उठाए गए।
भाजपा ने वर्ष 2006 में पंतनगर में टाटा मोटर्स को 975.44 एकड़ जमीन आवंटित करने तथा सिडकुल में 500 करोड़ रुपये से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। पार्टी ने दावा किया कि धामी सरकार ने करीब 13 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया है। साथ ही 7,000 बीघा जमीन बेचने के कांग्रेस के आरोपों को भ्रामक बताया।
राज्यमंत्री हरक सिंह नेगी ने कहा कि भूमि संरक्षण और विकास एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। सरकारी जमीन का स्वामित्व सुरक्षित रखते हुए अनुपयोगी भूमि का इस्तेमाल उद्योग, पर्यटन और रोजगार गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राजनीतिक आरोप लगाने से पहले अपने शासनकाल में हुए भूमि आवंटन और विवादों का जवाब देना चाहिए।
इस दौरान जिला महामंत्री विनोद कनवासी, महेंद्र सिंह राणा, गोविंद सजवाण, ज्येष्ठ प्रमुख विपिन कंडारी, बद्री रावत, यशप्रताप सिंह, आयुष गौड़, गजेंद्र असवाल, अरविंद कुंवर, महावीर फरस्वाण और प्रशांत बिष्ट आदि मौजूद रहे।

