थलीसैंण महाविद्यालय में वर्तमान परिदृश्य की चुनौतियों पर हुआ बौद्धिक मंथन, विद्यार्थियों ने प्रभावशाली वक्तृत्व कौशल से किया प्रभावित
थलीसैंण। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय थलीसैंण में सैन्य विज्ञान विभाग के तत्वावधान में ‘वर्तमान परिदृश्य में समसामयिक चुनौतियां’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्राओं ने समसामयिक विषयों पर अपने विचारों, तर्कों और दृष्टिकोण को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए वर्तमान समय की चुनौतियों पर बौद्धिक मंथन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. योगेंद्र चंद्र सिंह ने किया। इस अवसर पर सैन्य विज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ. विक्रम रौतेला ने प्रतियोगिता की विषयवस्तु एवं उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान दौर में तेजी से बदलते सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक एवं वैश्विक परिदृश्य के प्रति युवाओं का जागरूक होना बेहद आवश्यक है। ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में अध्ययन, तार्किक क्षमता और आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने का कौशल विकसित करती हैं।
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने समसामयिक चुनौतियों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल की भूमिका इतिहास विभाग के प्रभारी डॉ. बचन सिंह एवं असिस्टेंट लाइब्रेरियन चंदन सिंह जीना ने निभाई। प्रतिभागियों के प्रस्तुतीकरण, विषय की समझ, तार्किक क्षमता एवं अभिव्यक्ति कौशल के आधार पर परिणाम घोषित किए गए।
प्रतियोगिता में बीए प्रथम सेमेस्टर की छात्रा वैशाली ने प्रथम स्थान हासिल किया। बीए तृतीय सेमेस्टर की प्रेरणा द्वितीय तथा बीए प्रथम सेमेस्टर की निशा तृतीय स्थान पर रहीं।
समापन अवसर पर प्राचार्य डॉ. योगेंद्र चंद्र सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि वर्तमान समय की चुनौतियों को समझना और उन पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ विचार प्रस्तुत करना युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ ऐसी रचनात्मक एवं बौद्धिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही समसामयिक विषयों पर स्वतंत्र चिंतन एवं विचार अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।


