चमोली।जनपद चमोली के सीमांत क्षेत्र मलारी और तेफना ग्राम के मूल निवासी प्रेम सिंह राणा को उत्तराखंड सरकार द्वारा जनजाति आयोग का उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री स्तर) नियुक्त किए जाने पर समूचे जनपद में खुशी का माहौल है। इस घोषणा के बाद से ही उनके पैतृक गांव और जिला मुख्यालय सहित विभिन्न क्षेत्रों में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
क्षेत्रीय जनता ने इसे उनके वर्षों के सामाजिक संघर्ष और सेवा का प्रतिफल बताया है। प्रेम सिंह राणा का व्यक्तित्व हमेशा से मिलनसार और संघर्षशील रहे है, जिससे उन्हें हर वर्ग का स्नेह प्राप्त होता है।
इस गौरवशाली पद के लिए विशेष रूप से योग्य बनाते हैं,व्यवहार कुशलता एवं सादगी से राणा अपने मृदुभाषी और सुशील स्वभाव के लिए विख्यात हैं। राजनीति के लंबे सफर में भी उन्होंने अपनी सादगी को बनाए रखा है, जो उनकी सबसे बड़ी शक्ति मानी जाती है।
जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण ओर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की समस्याओं के लिए सदैव तत्पर रहना उनकी पहचान रही है। यह पद उनके इसी निरंतर सेवा भाव का सम्मान है।
क्षेत्रीय समस्याओं की गहरी समझ सीमांत क्षेत्रों (मलारी-तेफना) से गहरा जुड़ाव होने के कारण उन्हें जनजाति समाज की बुनियादी समस्याओं और चुनौतियों का धरातलीय अनुभव है।
अनुभवी नेतृत्व उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और सांगठनिक कौशल का लाभ अब सीधे तौर पर प्रदेश के जनजाति समुदायों के विकास में देखने को मिलेगा।
पुष्कर राणा कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति की नियुक्ति नहीं है, बल्कि यह पूरे सीमांत क्षेत्र के मान-सम्मान की बात है। लोगों को विश्वास है कि राज्य मंत्री के रूप में प्रेम सिंह राणा जनजाति समाज के उत्थान के लिए नई विकास योजनाएं धरातल पर उतारेंगे।

