चमोली। बदरीनाथ धाम की यात्रा पर आए कर्नाटक के एक श्रद्धालु के लिए शुक्रवार का दिन काल बनकर आया, लेकिन देवदूत बनकर पहुंची पुलिस, SDRF और वन विभाग की टीम ने उसे मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अलकनंदा नदी की उफनती लहरों के बीच एक पत्थर पर फंसे यात्री को निकालने के लिए घंटों चले ‘महा-रेस्क्यू’ अभियान के बाद आखिरकार प्रशासन को सफलता मिली है। गुरुवार दोपहर स्थानीय लोगों ने कोतवाली गोविंदघाट को सूचना दी कि टैय्या पुल (पटमेली) के पास एक व्यक्ति ने उफनती नदी में छलांग लगा दी है। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक चित्रगुप्त अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर पहले से मौजूद फॉरेस्ट रेंजर चेतना काण्डपाल और वन विभाग की टीम भी सक्रिय हो गई।
नदी के तेज बहाव के बीच एक चट्टान पर उक्त व्यक्ति फंसा हुआ दिखाई दिया। पानी की रफ्तार और दुर्गम स्थिति को देखते हुए सामान्य टीम के लिए वहां तक पहुंचना असंभव था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल SDRF को बुलाया गया, उफनती लहरों के बीच जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बेहद सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम उस व्यक्ति तक पहुंचने में सफल रही और उसे सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया गया।
रेस्क्यू किए गए व्यक्ति की पहचान मऊनीष पुत्र लक्ष्यमप्पा, निवासी करटजी, कर्नाटक के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि वह श्री बद्रीनाथ धाम के दर्शन करने के लिए उत्तराखंड आया था।


