गोपेश्वर।जनपद चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने गुरुवार को जिला सभागार गोपेश्वर में जिला स्तरीय हिमोत्थान परियोजना समिति की समीक्षा बैठक ली। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीण विकास और आजीविका संवर्धन हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
जिलाधिकारी ने कृषि, उद्यान, पर्यटन, डेयरी विकास और रीप जैसे संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे हिमोत्थान सोसाइटी के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य स्थानीय जनता के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना,ग्रामीणों की आमदनी में वृद्धि करना,आम जनमानस के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाना है।
हिमालयी क्षेत्रों में 2007 से सक्रिय है सोसाइटी
हिमोत्थान सोसाइटी चमोली के टीम लीडर डॉ. आर.एस. कोश्यारी ने बताया कि टाटा ट्रस्ट की इस पहल की शुरुआत वर्ष 2007 में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में की गई थी। यह सोसाइटी विशेष रूप से ग्रामीण विकास, स्थायी आजीविका के साधनों के विकास और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से हिमालयी क्षेत्र की जनता को सशक्त बनाने का कार्य कर रही है।बैठक में जानकारी दी गई कि हिमोत्थान सोसाइटी वर्तमान में जनपद के पांच प्रमुख विकासखंड थराली, देवाल, कर्णप्रयाग, दशोली एवं जोशीमठ के 218 गांवों में सक्रिय है,इन गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय जनता को अतिरिक्त आय के स्रोत उपलब्ध हो रहे हैं, जो क्षेत्र के आर्थिक विकास में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, परियोजना निदेशक आनंद सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी जयप्रकाश तिवारी सहित हिमोत्थान संस्था से शशिभूषण उनियाल, दीक्षा पुण्डीर, राजेंद्र कोश्यारी, कैलाश काला,खिलाफ सिंह बिष्ट मोहित सिंह,भूषण उनियाल, सुमित्रा चौहान, दीक्षा पुंडीर निवेदिता शर्मा, वीरेंद्र बिष्ट, गजेंद्र नेगी एवं अन्य विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।


