जोशीमठ। भू-वैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथियों के समीप आते ही प्रशासन और मंदिर समिति ने अपनी तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी हैं। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने कपाट खुलने के भव्य आयोजन को लेकर विभिन्न संगठनों, स्थानीय प्रतिनिधियों और शिक्षण संस्थानों के साथ दो चरणों में महत्वपूर्ण बैठकें कीं।
बैठक के दौरान उपाध्यक्ष ने जानकारी साझा की कि भगवान श्री बदरीनाथ के कपाट आगामी 23 अप्रैल को विधि-विधान और वैदिक मंत्रोचार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यात्रा पड़ाव के मुख्य पड़ाव ज्योतिर्मठ में आयोजित इस बैठक में उत्सव की गरिमा और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई
उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल को आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी नृसिंह मंदिर, ज्योतिर्मठ से बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी।बैठक में क्षेत्र के प्रमुख संगठनों ने शिरकत की और आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया। इसमें मुख्य रूप से औली स्कीइंग फेडरेशन, टैक्सी यूनियन, होटल एसोसिएशन, ठेकेदार पंचायत, देव पूजा समिति और रैंकवाल पंचायत के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में प्रशासन और मंदिर समिति को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
“हमारा उद्देश्य भगवान बदरी विशाल के कपाट खुलने के अवसर को न केवल भव्य बनाना है, बल्कि स्थानीय जनता और संगठनों के समन्वय से श्रद्धालुओं के लिए विश्वस्तरीय व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना भी है।”
— ऋषि प्रसाद सती, उपाध्यक्ष
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, अजय भट्ट, अनिल नंबूरी, अनूप पंवार, सोहन बेजवाडी, और महिला मंगल दल से लता बिष्ट, सुमेधा भट्ट, सरिता पंवार एवं आशा सती सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


