ऋषिकेश।लक्ष्मण झूला मार्ग स्थित गुरुद्वारा परिसर से बुधवार को आस्था और उत्साह के भव्य वातावरण के बीच श्री हेमकुंट साहिब की पावन यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो गया। दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने पंज प्यारों के नेतृत्व में श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर गंतव्य के लिए रवाना किया।
इस अवसर पर पूरे गुरुद्वारा परिसर और दरबार हॉल को फूलों व आकर्षक विद्युत रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया था। सुबह से ही देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ गुरुद्वारे में उमड़ पड़ी। दोपहर करीब 11:30 बजे गुरुद्वारा ट्रस्ट के अध्यक्ष सरदार नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा व अन्य पदाधिकारियों ने उपराज्यपाल का स्वागत किया। इसके बाद मुख्य अतिथि सहित अन्य गणमान्य महानुभावों ने दरबार साहिब में मत्था टेका। ट्रस्ट की ओर से उपराज्यपाल को सिरोपा, प्रसाद और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पंज प्यारों का भी सम्मान किया गया, वहीं सिख समुदाय के 8 वर्षीय प्रतिभावान बालक मास्टर रणवीर सिंह सचदेवा को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए विशेष तौर पर सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान रागी जत्थों और गुरमत संगीत बाल विद्यालय के विद्यार्थियों ने वैराग्यमयी गुरबाणी कीर्तन से संगत को निहाल किया। इसके पश्चात, पंज प्यारों की अगुवाई में भारी पुष्पवर्षा, मिलिट्री बैंड की धुन और “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के गगनभेदी जयकारों के साथ पहला जत्था रवाना हुआ।
संगत को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने सिख धर्म की महान महिमा और यात्रा की पावन परंपरा पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा की गरिमा बनाए रखने की अपील की और सभी की सुखद व सुरक्षित यात्रा के लिए गुरु महाराज के चरणों में अरदास की। उपराज्यपाल ने प्रशासन और गुरुद्वारा ट्रस्ट द्वारा यात्रियों की सुविधाओं के लिए किए गए चाक-चौबंद प्रबंधों की भी सराहना की। इसके बाद उन्होंने दोपहर करीब 1:40 बजे लंगर हॉल में प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर मंत्री प्रदीप बत्रा डॉ. सुरजीत सिंह,फरजाना बेगम,स्वामी चिदानंद सरस्वती,हरप्रीत सिंह संधू,डॉ. गीता खन्ना,शंभु पासवान ,भरत मंदिर, निर्मल आश्रम, जयराम आश्रम के प्रतिनिधि और दिल्ली-पंजाब सहित विश्वभर से आए श्रद्धालु शामिल थे।

