बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा ‘ट्रांस भारत एविएशन कंपनी’ का एक हेलीकॉप्टर मंगलवार सुबह टिहरी जिले के सकलाना क्षेत्र में एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गया। उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर अचानक 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया। तार फंसते ही हवा में हड़कंप मच गया और हेलीकॉप्टर अनियंत्रित होकर नीचे गिरने लगा। हालांकि, महिला पायलट अनुपमा चौधरी ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए हेलीकॉप्टर पर नियंत्रण पाया और उसे सत्यो-सकलाना के खेतों में सुरक्षित लैंड करा दिया। इस आपातकालीन लैंडिंग से हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई।
अचानक बदलना पड़ा था रूट
पायलट अनुपमा चौधरी के मुताबिक, हेलीकॉप्टर को मूल योजना के अनुसार गुप्तकाशी होते हुए देहरादून पहुंचना था। लेकिन उड़ान भरने के बाद उन्हें सीधे देहरादून पहुंचने का संदेश मिला, जिसके कारण निर्धारित रूट बदलना पड़ा। सुबह करीब साढ़े 9 बजे जब हेलीकॉप्टर नए रूट से चंबा-आराकोट क्षेत्र के ऊपर से गुजर रहा था, तभी अचानक उसका पिछला रोटर (Tail Rotor) हाईटेंशन लाइन के तार से उलझ गया।
हवा में हिचकोले खाने लगा हेलीकॉप्टर, मची चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों और हेलीकॉप्टर में सवार यात्रियों ने बताया कि तार फंसते ही एक जोरदार झटका लगा और हेलीकॉप्टर हवा में बुरी तरह हिचकोले खाने लगा। कुछ ही पलों में विमान तेजी से नीचे की ओर आने लगा, जिससे केबिन के भीतर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। स्थिति बेहद भयावह हो चुकी थी, लेकिन पायलट ने धैर्य नहीं खोया और सूझबूझ से काम लिया।
खेतों में कराई सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग
पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए फंसे हुए तार के साथ ही हेलीकॉप्टर को नीचे उतारा और सत्यो-सकलाना के पास खुले खेतों में उसकी सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करा दी। इस दुर्घटना में हेलीकॉप्टर का पिछला हिस्सा (Tail) क्षतिग्रस्त हो गया है। हादसे की सूचना मिलते ही चंबा-सत्यो पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया।
“पायलट की सूझबूझ के चलते खेतों में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह यात्रियों को सत्यों से सड़क मार्ग के जरिए सुरक्षित देहरादून भेज दिया गया है।”
– मोहम्मद शादाब, तहसीलदार (धनोल्टी)

