गोपेश्वर। बदरीनाथ विधानसभा सीट पर वर्ष 2027 के चुनाव को लेकर सियासी हलचल अभी से तेज होने लगी है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट ने जनता, पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों से क्षेत्र के विकास को लेकर सुझाव मांगकर अपनी संभावित दावेदारी के संकेत दे दिए हैं। बिष्ट की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि ‘बदरीनाथ की धरती का भविष्य, जनता की राय के साथ’ तय करने के लिए लोग अपनी राय और अपेक्षाएं साझा करें।
बिष्ट की इस पहल को भाजपा के भीतर बदरीनाथ सीट के लिए उनकी सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर टिकट की घोषणा या दावा नहीं किया है, लेकिन पोस्टर में पार्टी कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों की ओर से भाजपा की ओर से दावेदारी के लिए प्रेरित किए जाने का उल्लेख किया गया है। साथ ही फोन और वाट्सऐप के माध्यम से लोगों से सुझाव मांगे गए हैं।
बिष्ट ने अपनी पहल को केवल संगठनात्मक गतिविधि तक सीमित नहीं रखा है। उनके संदेश में धार्मिक पर्यटन के विस्तार, युवाओं के लिए रोजगार, गांव और किसानों की आर्थिक मजबूती, सड़क एवं मूलभूत सुविधाओं में सुधार तथा पलायन रोकने जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई है।
बदरीनाथ विधानसभा क्षेत्र की भौगोलिक और पर्यटन पहचान को देखते हुए पर्यटन से रोजगार जोड़ने का मुद्दा महत्वपूर्ण है। बदरीनाथ धाम के अलावा नीति-माणा क्षेत्र, फूलों की घाटी और वाण-घांघरिया जैसे पर्यटन क्षेत्र इस विधानसभा की अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं। ऐसे में आने वाले चुनाव में पर्यटन, स्थानीय रोजगार और सीमांत क्षेत्रों के विकास को लेकर राजनीतिक दलों के बीच विमर्श तेज होने की संभावना है।
2027 के विधानसभा चुनाव में अभी समय है और भाजपा ने बदरीनाथ सीट से प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। इसके बावजूद संभावित दावेदारों की सक्रियता ने स्थानीय राजनीति में चर्चाओं को हवा दे दी है। बिष्ट की ओर से जनता की राय मांगने की पहल को इसी क्रम में देखा जा रहा है।
बदरीनाथ सीट पर पिछले चुनावों में मुकाबला लगातार चर्चा में रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव और उसके बाद हुए उपचुनाव ने यहां कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को अलग-अलग परिस्थितियों में सामने रखा। चुनाव आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड में इन चुनावों के परिणाम दर्ज हैं।
रघुवीर सिंह बिष्ट लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं। उनके जारी पोस्टर में वर्ष 1991 से पार्टी में सक्रिय रहने, भाजपा चमोली के पूर्व जिलाध्यक्ष, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और रुद्रप्रयाग के सह प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी निभाने का उल्लेख किया गया है।
अब जनता और कार्यकर्ताओं से सीधे सुझाव मांगकर बिष्ट ने बदरीनाथ विधानसभा में अपनी राजनीतिक सक्रियता का संकेत दिया है। हालांकि टिकट का फैसला पार्टी की निर्धारित प्रक्रिया और नेतृत्व के निर्णय से ही होगा। फिलहाल उनकी पहल ने बदरीनाथ भाजपा में संभावित दावेदारियों और आने वाले चुनावी समीकरणों को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है।

