चमोली पुलिस ने एक जटिल और संवेदनशील ब्लाइंड मर्डर केस का सफल खुलासा करते हुए हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पहले गुमशुदगी के रूप में दर्ज इस मामले का खुलासा पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण और एसआईटी की गहन जांच के आधार पर किया।
जानकारी के अनुसार, 18 मई 2026 को ग्राम देवपुरी (चिनीछानी), थाना गैरसैंण निवासी राजेन्द्र सिंह काम के लिए घर से निकले थे, जिसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और वे लापता हो गए। परिजनों की सूचना पर गैरसैंण पुलिस ने डॉग स्क्वॉड की मदद से व्यापक खोजबीन की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका।
23 मई को ग्राम देवपुरी स्थित घाड़ी गधेरे में राजेन्द्र सिंह का शव बरामद हुआ। घटनास्थल पर मृतक के दोनों पैर और एक हाथ रस्सी से बंधे मिले। पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन, चप्पल, पानी की बोतल सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद गुमशुदगी के मामले को हत्या में परिवर्तित करते हुए धारा 103(1)/238 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार के निर्देशन और पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा के पर्यवेक्षण में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। एसआईटी ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण, संदिग्धों से पूछताछ, वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण तथा डॉग स्क्वॉड से मिले सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
जांच के दौरान देवेन्द्र सिंह पुत्र बलवंत सिंह निवासी चौड़ाधार, ग्राम देवपुरी की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्यों और एसआईटी की समन्वित कार्रवाई के चलते इस ब्लाइंड मर्डर केस का सफल अनावरण संभव हो सका।


