चमोली। ज्योतिर्मठ प्रखंड में पीएमजीएसवाई के तहत निर्माणाधीन सलूड़-सेलंग मोटर मार्ग के घटिया निर्माण और कार्य में हो रही भारी लेटलतीफी को लेकर जिलाधिकारी गौरव कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने पीएमजीएसवाई और कार्यदायी संस्था क्रिस्टल कंपनी के खिलाफ मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला की अगुवाई में सलूड़-डुंग्रा, पगनो, मोल्टा और सेलंग के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर सड़क निर्माण में बरती जा रही अनियमितताओं और धीमी गति से चल रहे कार्य की शिकायत की। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 8.5 करोड़ रुपये की लागत से आठ किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण फरवरी 2024 से चल रहा है, लेकिन ठेकेदार को 60 से 70 प्रतिशत तक भुगतान होने के बावजूद कार्य अभी तक 40 प्रतिशत भी पूरा नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता खराब होने के कारण सड़क जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो गई है। बदहाल सड़क से आवाजाही करने वाले लोगों को दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच के साथ ही सड़क का कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग की।
ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी ज्योतिर्मठ को 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता को एक सप्ताह के भीतर सड़क के गड्ढों को ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों की ओर से 15 सितंबर से सड़क के सुधारीकरण का कार्य शुरू करने का आश्वासन भी दिया गया है। जिलाधिकारी के जांच के आदेश और सड़क सुधारीकरण के आश्वासन के बाद ग्रामीणों को लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है।


