सीमांत जिले में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की कमी दूर करने की मांग, भूमि उपलब्ध कराने समेत हरसंभव सहयोग का दिया भरोसा
देहरादून। सीमांत जनपद चमोली में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जिले में उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का अभाव होने के कारण गंभीर बीमारियों, सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में मरीजों को करीब 300 किलोमीटर दूर ऋषिकेश अथवा देहरादून रेफर करना पड़ता है। पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों के चलते कई बार समय पर उपचार नहीं मिलने से मरीजों की जान पर बन आती है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि चमोली में मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से जिलेवासियों को विशेषज्ञ चिकित्सकों, आधुनिक चिकित्सा और ट्रॉमा सुविधाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा। साथ ही चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होने के साथ डॉक्टर, नर्सिंग, पैरामेडिकल और तकनीकी क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
रघुबीर बिष्ट ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध होने से पहाड़ से मैदानी क्षेत्रों की ओर होने वाला मजबूरी का पलायन भी कम होगा। सीमांत क्षेत्र के बड़ी संख्या में युवा सेना में सेवाएं दे रहे हैं, ऐसे में उनके परिवारों को जिले में ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलना जरूरी है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि मेडिकल कॉलेज के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने सहित स्थानीय स्तर पर हरसंभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से मेडिकल कॉलेज की स्थापना चमोली के विकास का नया केंद्र बन सकती है।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह रावत, गोपेश्वर पालिका अध्यक्ष संदीप सिंह रावत, पूर्व प्रमुख नंदन सिंह बिष्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खत्री, कृष्णमणि थपलियाल और किशोर सिंह पंवार समेत अन्य नेता शामिल रहे।

