चमोली। पीपलकोटी का ऐतिहासिक बंड कौथिग प्रारम्भ हो गया है। हुनरमंद हाथों से हस्तशिल्प का बेजोड़ नमूना देखना है तो चले आइये पीपलकोटी के बंड कौथिग में जहां हस्तशिल्प के स्टाॅल में देखते ही सिर्फ एक ही शब्द निकलता है अदभुत, बेमिसाल और लाजबाब। लोग इनके बनाये उत्पादों को बेहद पसंद कर रहे हैं।
हस्तशिल्प की इन नायब कलाकृतियों को अपने हुनरमंद हाथो से आकार देने वाले ब्यक्ति है प्रदीप कुमार, दरमानी लाल और राजेंद्र। तीनो हस्तशिल्पि जनपद चमोली के किरुली गांव के रहने वाले है। इन्होने अपनी हस्तशिल्प से हर किसी को हतप्रभ कर दिया है इनके द्वारा कई प्रसिद्ध मंदिरों के डिजायन और रिंगाल के उत्पाद तैयार किये गये हैं। जिनमे भगवान बद्रीनाथ, केदारनाथ, तुंगनाथ सहित अन्य मंदिरों के डिजाइन शामिल हैं। तीनों हस्तशिल्पि पीपलकोटी के आगाज फैडरेशन से भी जुड़े हैं।
गौरतलब है की बेहतर मेहनताना और प्रोत्साहन न मिलने के कारण अब लोग हस्तशिल्प कला से दूर होते जा रहें है। यदि हम पहाड़ो से पलायन को रोकना चाहते है तो हस्तशिल्पियों के लिए ठोस धरातलीय योजना को अमलीजामा पहनाना पड़ेगा तब जाकर हम पहाड़ के गांवो और इस कला को बचा पायेंगे। हस्तशिल्प के जरिए हम बडी मात्रा में रोजगार के अवसर भी सृजित कर सकेंगे। अगर आप भी बंड कौथिग में प्रदीप कुमार द्वारा बनाये मंदिर के डिज़ायनों और दरमानी लाल के रिंगाल उत्पादों को खरीदने के इच्छुक हैं तो चले आइये पीपलकोटी के बंड कौथिग में…


