चमोली नगर पंचायत पीपलकोटी में टीएचडीसी और उसकी कार्यदायी संस्था हिन्दुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आरोप है कि शिकायतों और लगातार पत्राचार के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे क्षेत्र में असंतोष गहराता जा रहा है।
नगर पंचायत अध्यक्ष आरती नवानी ने कहा कि टीएचडीसी पिछले 15 वर्षों से अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने का केवल आश्वासन दे रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। साथ ही, सीएसआर मद में भी अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि नागपुर बंड क्षेत्र के लिए आवंटित धनराशि को बिना स्थानीय पंचायत को विश्वास में लिए अन्य क्षेत्रों में खर्च किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि भविष्य में किसी भी सहायता में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहमति अनिवार्य की जाए।
टनल निर्माण कार्य को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। आरोप है कि सुरंग से निकलने वाला रसायन युक्त पानी सीधे अलकनंदा नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे जलीय जीवन पर खतरा मंडरा रहा है। साथ ही टनल निर्माण से निकलने वाले मकिंग को जगह-जगह गदेरों में भर दिया गया है, जो बड़ी आपदा की चेतावनी दे रही है,इसके अलावा, घाटों और रास्तों पर मलबा फेंकने से अंतिम संस्कार में बाधा, क्रेशर व बैचिंग प्लांट से बढ़ते ध्वनि और वायु प्रदूषण को लेकर भी लोगों ने कड़ा विरोध जताया है।
स्थानीय लोगों ने रोजगार को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि जनसुनवाई में 70 प्रतिशत स्थानीय रोजगार का वादा किया गया था, लेकिन बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है,सुरंग निर्माण के दौरान हो रहे विस्फोटों से कई भवनों में दरारें आने और जलस्रोतों के सूखने की शिकायत भी सामने आई है। लोगों का कहना है कि अब तक न तो कोई सर्वे किया गया और न ही मुआवजा दिया गया,जनप्रतिनिधियों ने पूरे नागपुर बंड क्षेत्र को ‘प्रभावित’ घोषित करने और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए बैरियर हटाने की मांग की है।
इस अवसर ज्ञापनदाताओं में आरती नवानी,कुमारी संतोषी,राकेश नवानी, आशीष कुमार,अंकित रावत मनोरमा देवी ,अनिल जोशी,विपिन कंडारी,पवन कुमार ,संजय राणा,रविंद्र नेगी कुसुम रावत,संतोष रावत,संतोष कुमार नरेंद्र पोखरियाल,दीपक सती ,मुकेश सिंह,गुलाब सिंह बिष्ट,जगत सिंह नेगी,रघुनाथ फर्स्वाण,हरेंद्र पंवार आदि शामिल थे।


