बदरीनाथ में आज से सजेगा देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव

jantakikhabar
0 0
Read Time:4 Minute, 58 Second

सेना और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल, लोक संस्कृति के साथ सीमांत उत्पादों और हुनर को मिलेगा मंच

 

बदरीनाथ। देवभूमि की लोक संस्कृति, सीमांत गांवों की विरासत और स्थानीय हुनर को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए बदरीनाथ धाम में 19 और 20 सितंबर को ‘देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026’ आयोजित होगा। भारतीय सेना और जिला प्रशासन चमोली की संयुक्त पहल पर ऑपरेशन सद्भावना के तहत होने वाले दो दिवसीय महोत्सव में लोकनृत्य, लोकसंगीत से लेकर स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की झलक देखने को मिलेगी।

टूरिस्ट अराइवल प्लाजा बदरीनाथ में आयोजित होने वाले महोत्सव की थीम ‘हमारी विरासत, हमारा माध्य’ रखी गई है। कार्यक्रम में गढ़वाली लोकनृत्य और लोकसंगीत की प्रस्तुतियों के साथ विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। स्थानीय कलाकारों और युवा प्रतिभाओं को श्रद्धालुओं और देश-विदेश से पहुंचने वाले पर्यटकों के सामने अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

महोत्सव में सीमांत क्षेत्रों के स्थानीय उत्पाद खास आकर्षण रहेंगे। महिला स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय कारीगरों, किसानों और युवा उद्यमियों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पाद और पहाड़ी व्यंजनों को प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन का मकसद केवल सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करना ही नहीं, बल्कि स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को गति देना भी है।

सेना की उपलब्धियां भी दिखेंगी

महोत्सव में भारतीय सेना की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसमें सेना की सीमाओं की सुरक्षा के साथ राष्ट्र निर्माण और समाज के प्रति निभाई जा रही जिम्मेदारियों को प्रदर्शित किया जाएगा। ऑपरेशन सद्भावना के तहत सीमांत क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, आधारभूत सुविधाओं और सामाजिक विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी लोगों को दी जाएगी।

आयोजन के जरिए सीमांत गांवों की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और आध्यात्मिक महत्व को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इससे बदरीनाथ आने वाले श्रद्धालुओं को सीमांत क्षेत्र की जीवनशैली और परंपराओं से रूबरू होने का अवसर मिलेगा और पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

सुरक्षा से लेकर यातायात तक पुख्ता इंतजाम

महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, चिकित्सा, पार्किंग, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन समेत नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था की है। स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, कलाकारों, उद्यमियों और पर्यटकों से महोत्सव में भागीदारी की अपील की गई है।

सेना और नागरिक प्रशासन की यह संयुक्त पहल सीमांत क्षेत्रों की संस्कृति को मंच देने के साथ स्थानीय लोगों की प्रतिभा और उत्पादों को बाजार से जोड़ने का प्रयास भी है। बदरीनाथ की धार्मिक पहचान के बीच होने वाला यह आयोजन देवभूमि की लोक विरासत और सीमांत जीवन की तस्वीर पर्यटकों के सामने पेश करेगा।

Avatar

About Post Author

jantakikhabar

9897129437 गोपेश्वर चमोली ranjeetnnegi@gmail.com
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Like

Subscribe US Now

Share
error: Content is protected !!