अब बुजुर्गों के तीर्थ जाने की राह आसान, सरकार उठाएगी पूरा खर्च
गोपेश्वर। उम्र के उस पड़ाव पर जब शरीर साथ देने में संकोच करने लगता है और तीर्थयात्रा का सपना आर्थिक मजबूरियों या यात्रा की कठिनाइयों के कारण अधूरा रह जाता है, ऐसे बुजुर्गों के लिए सरकार की दीन दयाल मातृ-पितृ योजना उम्मीद की नई राह लेकर आई है। योजना के तहत मंगलवार को चमोली जिले के 34 वरिष्ठ नागरिकों का पहला दल गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुआ। चार दिवसीय इस यात्रा में बुजुर्गों के परिवहन से लेकर रहने, खाने और मार्गदर्शन तक की व्यवस्था सरकार की ओर से की जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर पर्यटन विभाग की ओर से संचालित योजना का उद्देश्य 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को प्रदेश के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा का अवसर उपलब्ध कराना है। योजना का असर मंगलवार को गोपेश्वर बस स्टैंड पर उस समय साफ दिखाई दिया, जब यात्रा पर जाने वाले बुजुर्गों के चेहरों पर उत्साह और वर्षों पुरानी धार्मिक इच्छा पूरी होने की खुशी नजर आई।
गोपेश्वर बस स्टैंड से भेषज संघ के अध्यक्ष सतेंद्र असवाल और भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल ने हरी झंडी दिखाकर 34 सदस्यीय दल को गंगोत्री के लिए रवाना किया। इस दौरान तीर्थयात्रियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। यात्रा शुरू होने से पहले बुजुर्गों में खासा उत्साह नजर आया।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि तीर्थयात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा के खर्च की चिंता नहीं करनी होगी। उत्तराखंड परिवहन निगम की ओर से निःशुल्क परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं गढ़वाल मंडल विकास निगम की ओर से आवास, भोजन और गाइड की व्यवस्था की गई है। इससे उन बुजुर्गों को विशेष राहत मिलेगी, जो आर्थिक कारणों से परिवार पर निर्भर रहते हैं या अकेले लंबी तीर्थयात्रा करने में सक्षम नहीं हैं।
योजना केवल धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि बुजुर्गों को सामाजिक और मानसिक रूप से सक्रिय रखने की दिशा में भी इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही प्रदेश के तीर्थस्थलों तक वरिष्ठ नागरिकों की पहुंच बढ़ने से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि 34 सदस्यीय दल चार दिवसीय यात्रा पर गया है और शुक्रवार को वापस गोपेश्वर पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत समय-समय पर जनपद से वरिष्ठ नागरिकों के अन्य दलों को भी तीर्थयात्रा पर भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
यानी चमोली के बुजुर्गों के लिए यह केवल एक दल की यात्रा नहीं, बल्कि आगे खुलने वाले अवसरों की शुरुआत है। लंबे समय से मन में संजोए धामों के दर्शन का सपना अब सरकारी पहल के सहारे पूरा होने की उम्मीद जगी है।इस अवसर पर भाजपा महामंत्री विनोद कनवासी, जनार्दन थपलियाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।


