चमोली। सीमांत जनपद चमोली में मेडिकल कॉलेज की मांग अब राजनीतिक स्तर पर जोर पकड़ने लगी है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व और सरकार के समक्ष इस मांग को मजबूती से उठाते हुए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए ठोस पहल करने की मांग की है। भाजपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट तथा चमोली जिले के प्रभारी मंत्री एवं ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि चमोली भौगोलिक रूप से विषम और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीमांत जनपद है। जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में गंभीर बीमारी, दुर्घटना अथवा आकस्मिक स्थिति में मरीजों को उच्चस्तरीय उपचार के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कई मामलों में समय पर विशेषज्ञ उपचार नहीं मिल पाने से मरीजों की स्थिति गंभीर हो जाती है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि चमोली से एम्स ऋषिकेश की दूरी करीब 300 किलोमीटर है। पहाड़ी सड़कों और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच गंभीर मरीजों को ऋषिकेश अथवा अन्य बड़े चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है। सड़क दुर्घटनाओं, कृषि कार्यों के दौरान होने वाली घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में उपचार की देरी मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जिस सीमांत जनपद के युवा बड़ी संख्या में सेना में भर्ती होकर देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, वहां के लोगों को गंभीर बीमारी की स्थिति में बेहतर उपचार के लिए दूसरे जनपदों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में चमोली में मेडिकल कॉलेज की स्थापना समय की आवश्यकता है।
नेताओं ने कहा कि मेडिकल कॉलेज बनने से जिले में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं के साथ चिकित्सा शिक्षा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। स्थानीय युवाओं को मेडिकल शिक्षा के अवसर मिलेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पलायन पर भी अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।
प्रतिनिधिमंडल ने सरकार को भूमि उपलब्ध कराने में स्थानीय स्तर पर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। नेताओं का कहना था कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से चमोली में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में ठोस कदम उठाया जा सकता है।
भाजपा नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी से आग्रह किया कि चमोली की भौगोलिक परिस्थितियों, सीमांत क्षेत्र की संवेदनशीलता और स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के प्रस्ताव को शासन स्तर पर प्राथमिकता दी जाए।
प्रतिनिधिमंडल में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रघुवीर सिंह बिष्ट, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह रावत, नगर पालिका परिषद गोपेश्वर अध्यक्ष संदीप सिंह रावत, पूर्व प्रमुख एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नंदन सिंह बिष्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खत्री, पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कृष्णमणि थपलियाल, पूर्व बदरी-केदार मंदिर समिति उपाध्यक्ष किशोर सिंह पंवार, पूर्व मंडल अध्यक्ष पोखरी एवं जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र सिंह राणा तथा वरिष्ठ भाजपा नेता दिगंबर सिंह रावत शामिल रहे।


