जोशीमठ। सीमांत क्षेत्र जोशीमठ की प्रतिभावान खिलाड़ी श्रीम धौंडियाल ने राष्ट्रीय स्तर पर देवभूमि उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। गुजरात के राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय आर्म रेसलिंग चैंपियनशिप में श्रीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम किया।
युवा महिला वर्ग में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए श्रीम धौंडियाल ने अपनी ताकत, तकनीक और मानसिक दृढ़ता का बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने दाएं हाथ की स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि बाएं हाथ की प्रतिस्पर्धा में रजत पदक जीतकर दोहरी सफलता अर्जित की।
श्रीम की इस उपलब्धि से पूरे चमोली जनपद और जोशीमठ क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमांत और पर्वतीय क्षेत्रों में खेल सुविधाओं एवं संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने राष्ट्रीय मंच पर जो सफलता हासिल की है, वह अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और खेल प्रेमियों ने श्रीम को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। उनकी सफलता उत्तराखंड की बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
अपनी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए श्रीम धौंडियाल ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद और अपने प्रशिक्षक के मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा, “यह तो सिर्फ शुरुआत है। मेरा अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना और विश्व मंच पर तिरंगा लहराना है।”
श्रीम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उनके गृह क्षेत्र में मिठाइयाँ बांटकर खुशी मनाई जा रही है। ‘पहाड़ की बेटी’ की इस सफलता ने पूरे उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाओं का सिलसिला लगातार जारी है।


