रुद्रप्रयाग।हिमालय की गोद में बसे द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक, भगवान केदारनाथ धाम के कपाट आज शुक्रवार को ब्रह्ममुहूर्त में विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरी केदारघाटी ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बाबा केदार’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठी।
मुख्य मंदिर को लगभग 15 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। सुबह तड़के मुख्य पुजारी द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की गई, जिसके बाद मंदिर के द्वार आम भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इस अवसर पर भारतीय सेना के बैंड की मधुर धुनों ने वातावरण को और भी दिव्य बना दिया। बर्फ की सफेद चादर के बीच सजे-धजे मंदिर की अलौकिक छटा देखते ही बन रही थी।
कपाट खुलने के इस पावन अवसर का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु ऋषिकेश और सोनप्रयाग से पैदल चलकर धाम पहुँचे हैं। कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालु बाबा के प्रथम दर्शन पाने को बेताब नजर आए।
केदारनाथ के कपाट खुलना केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आर्थिकी और पर्यटन के लिए भी एक नई शुरुआत है। प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।


