नारायणबगड़। राजकीय इंटर कॉलेज नारायणबगड़ में आयोजित माध्यमिक शिक्षा क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ उत्साह और खेल भावना के साथ हुआ। प्रतियोगिता में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। शुभारंभ अवसर पर जेष्ठ प्रमुख देवराज रावत ने प्रतिभाग कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। सीमित संसाधनों के बावजूद क्षेत्र के बच्चे अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर विभिन्न क्षेत्रों में पहचान बना रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि इन प्रतिभाओं को उचित मंच, बेहतर खेल संसाधन और निरंतर प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि विद्यालयी खेल प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने आने का अवसर मिलता है।
जेष्ठ प्रमुख ने विद्यालयी खेल प्रतियोगिताओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध न होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने वाले महत्वपूर्ण आयोजनों के लिए भी कई बार पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हो पाते। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए खेल मैदान, उपकरण, प्रशिक्षण और अन्य जरूरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज मैदान में उतरने वाला प्रत्येक खिलाड़ी केवल अपने विद्यालय का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहा, बल्कि वह अपने क्षेत्र और उत्तराखंड के भविष्य का प्रतिनिधित्व कर रहा है।
उन्होंने खिलाड़ियों से पूरी लगन और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का आह्वान किया। कहा कि जीत और हार से अधिक महत्वपूर्ण निरंतर प्रयास और अपने प्रदर्शन में सुधार करना है।
प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। आयोजन को लेकर खिलाड़ियों और शिक्षकों में खासा उत्साह नजर आया।


