गोपेश्वर।नागपुर बंड क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला मुख्यालय में संपन्न हुई। बैठक में टीएचडीसी और जिला प्रशासन ने प्रभावितों की मांगों पर विचार करने और समाधान निकालने के लिए 15 दिनों का समय मांगा है। वहीं, जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई सकारात्मक वार्ता या ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्र की जनता उग्र जन आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने टीएचडीसी एचसीसी और शासन-प्रशासन के समक्ष क्षेत्र की लंबित समस्याओं और विस्थापन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखा। काफी देर तक चली चर्चा के बाद, प्रशासन और टीएचडीसी के अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि वे 15 दिनों के भीतर इन विषयों पर समीक्षा कर उचित निर्णय लेंगे।
प्रशासन के आश्वासन पर सहमति जताते हुए जनप्रतिनिधियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है, लेकिन अब धैर्य जवाब दे रहा है। यदि 15 दिनों के भीतर वार्ता का कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला, तो वे चुप नहीं बैठेंगे और व्यापक स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, उपजिलाधिकारी आर के पांडे, तहसीलदार दीप्ति शिखा, राकेश नवानी, विनीता देवी, संतोषी ,रविंद्र नेगी ,मनोज कुमार ,संजय राणा, इंद्र सिंह रत्ना देवी बीना देवी हरेंद्र पवार दीपक सती अनिल जोशी, प्रकाश पवार विपिन कंडारी, नरेंद्र पोखरियाल,पान सिंह,पूजा देवी, रचना देवी,मनोरमा देवी,भुवना देवी, कुसुम रावत, आशीष कुमार,संतोष, आशा देवी पवार, सावन मुकेश, टीएचडीसी,एचसीसी के अधिकारी ओर भारी संख्या में क्षेत्र की जनता बैठक मे शामिल थे।


