गोपेश्वर। विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद मृतक श्रमिकों के आश्रितों और घायलों को मुआवजा देने पर सहमति बन गई है। बैठक में तय किया गया कि विभिन्न स्रोतों से प्रत्येक मृतक श्रमिक के आश्रित को करीब 45 लाख रुपये और प्रत्येक घायल श्रमिक को 3.50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा मृतक श्रमिकों के परिजनों को बीमा और ईपीएफ की राशि भी नियमानुसार मिलेगी।
13 अगस्त को परियोजना की टनल में हुए हादसे में 11 श्रमिकों की मौत हो गई थी, जबकि 11 श्रमिक सुरक्षित बाहर निकाले गए थे। घायलों का उपचार अभी जारी है। हादसे के बाद मृतक श्रमिकों के आश्रितों को अधिक मुआवजा देने की मांग को लेकर क्षेत्र में आंदोलन भी हुआ था।
मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर बंड विकास संगठन के संरक्षक अतुल शाह, अध्यक्ष देवेंद्र नेगी, महामंत्री हरीश पुरोहित, पूर्व अध्यक्ष शंभू प्रसाद सती और प्रधान संघ के पूर्व अध्यक्ष मोहन सिंह नेगी ने जिलाधिकारी गौरव कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम आरके पांडे की अध्यक्षता में टीएचडीसी, एचसीसी प्रबंधन और श्रमिक संगठन के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में तय हुआ कि प्रत्येक मृतक श्रमिक के आश्रित को मिलने वाली करीब 45 लाख रुपये की राशि में टीएचडीसी की ओर से 11.50 लाख, एचसीसी से 11.50 लाख, राज्य सरकार से चार लाख और केंद्र सरकार से दो लाख रुपये शामिल हैं। इसके अलावा श्रमिक मुआवजा और अन्य देय अनुग्रह राशि भी इसमें शामिल होगी।
घायल श्रमिकों को करीब 3.50 लाख रुपये की सहायता विभिन्न स्रोतों से उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि मृतक श्रमिकों के आश्रितों और घायल श्रमिकों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर उनका सत्यापन कराया जाएगा। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद एक सप्ताह के भीतर सहायता राशि संबंधित बैंक खातों में हस्तांतरित कराने की कार्रवाई की जाएगी।
मुआवजे पर सहमति बनने के बाद श्रमिक संगठन ने परियोजना के निर्माण कार्य में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। श्रमिकों ने परियोजना का काम दोबारा शुरू करने पर भी सहमति जताई है। इससे हादसे के बाद प्रभावित परियोजना के निर्माण कार्य को फिर से गति मिलने की उम्मीद है।
बैठक में टीएचडीसीआईएल के अधिशासी निदेशक अजय वर्मा, महाप्रबंधक रविंद्र सिंह राणा, अपर महाप्रबंधक शंभू प्रसाद डोभाल, वरिष्ठ प्रबंधक वीरेंद्र दत्त भट्ट, एचसीसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विनोद कुमार समेत श्रमिक संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।


