चमोली।उत्तराखंड के सीमांत जनपदों के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल ‘हेली सेवा’ एक बार फिर जीवनदायिनी साबित हुई है। सोमवार को चमोली जिले के एक दुर्गम गांव की गर्भवती महिला की स्थिति बिगड़ने पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू कर बेहतर उपचार के लिए देहरादून भेजा।
आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी के अनुसार, विकासखंड देवाल की सुदूर ग्राम पंचायत बलांण से प्रशासन को सूचना मिली थी कि 32 वर्षीय तुलसी देवी पत्नी राजेंद्र राम की तबीयत अचानक अत्यधिक बिगड़ गई है। पहाड़ी रास्ता और दूरी अधिक होने के कारण महिला को समय पर अस्पताल पहुँचाना एक बड़ी चुनौती थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार ने तत्काल हेलीकॉप्टर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और महिला को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर देहरादून के उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘गोल्डन आवर’ में मिली इस मदद से जच्चा-बच्चा की जान को होने वाले खतरे को टाला जा सका है।


