चमोली। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिरही के समीप अलकनंदा नदी के किनारे बनाए गए अस्थायी डंपिंग जोन को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने जिला पंचायत पर पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करते हुए नदी तट के समीप कूड़ा डंप करने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर एनकेजी कंपनी के समीप विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से एकत्रित कूड़ा-कचरा जमा किया जा रहा है। तेज हवाओं के चलते प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट सामग्री सीधे अलकनंदा नदी में पहुंच रही है, जिससे नदी के जल प्रदूषित होने का खतरा बढ़ गया है।
ग्राम पंचायत गाड़ी की प्रधान मंदोधरी देवी ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि डंपिंग जोन स्थापित करने से पहले ग्राम पंचायत से कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम पर्यावरणीय मानकों और लागू नियमों के विपरीत है।
स्थानीय लोगों के अनुसार डंपिंग स्थल से दुर्गंध फैल रही है, जिससे आसपास के निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि मानसून के दौरान कचरा बहकर सीधे नदी में पहुंच सकता है, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों से तत्काल हस्तक्षेप कर डंपिंग जोन को हटाने तथा जमा कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्रवासी आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे।


