चमोली। ग्राम पंचायत मौली हडुगा में शुक्रवार को प्रकृति ने ऐसा कहर बरपाया कि किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं। क्षेत्र में हुई भीषण ओलावृष्टि ने खेतों में लहलहाती गेहूं, जौ, मटर और आलू की फसलों को मटियामेट कर दिया है। बेमौसम की इस मार से काश्तकारों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
शुक्रवार दोपहर बाद अचानक बदले मौसम के मिजाज के साथ शुरू हुई ओलावृष्टि काफी देर तक जारी रही। ओलों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि गेहूं और जौ की खड़ी फसलें जमीन पर बिछ गईं। इसके साथ ही नकदी फसल के रूप में उगाई गई मटर और आलू की खेती को भी व्यापक नुकसान पहुँचा है। ग्रामीण इलाकों में कई जगह सफेद ओलों की चादर बिछी नजर आई, जो किसानों के लिए किसी त्रासदी से कम नहीं है।
ग्राम प्रधान भगत फर्स्वाण ने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेते हुए गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने कहा ”किसान साल भर कड़ी मेहनत कर फसल तैयार करता है, लेकिन इस बेमौसम ओलावृष्टि ने सब कुछ बर्बाद कर दिया है। किसानों के हाथ से निवाला छिन गया है और अब उनके पास जीवनयापन का कोई सहारा नहीं बचा है।
ओलावृष्टि से हुए इस भारी नुकसान के बाद अब ग्रामीणों की उम्मीदें शासन और प्रशासन पर टिकी हैं। ग्राम प्रधान फर्स्वाण ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द राजस्व टीम भेजकर नुकसान का आकलन कराया जाए ताकि पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा मिल सके।

