चमोली। तहसील क्षेत्र के मारवाड़ी पुल से विष्णुप्रयाग पुल के बीच चल रहे सुरक्षा दीवार निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को तहसील दिवस में मिली शिकायत का संज्ञान लेते हुए उपजिलाधिकारी के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने मौके पर छापेमारी कर ‘अरुण कंस्ट्रक्शन’ द्वारा संचालित मोबाइल स्टोन क्रशर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब शिकायतकर्ता वैभव सकलानी ने तहसील दिवस के दौरान प्रशासन को निर्माण कार्य में बरती जा रही घोर लापरवाही से अवगत कराया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि निर्माणदायी संस्था द्वारा अलकनंदा नदी में अवैध रूप से भारी मात्रा में मलबा डंप किया जा रहा है, जिससे नदी के स्वरूप और पर्यावरण को खतरा पैदा हो गया है।
एसडीएम चमोली के निर्देश पर जिला खान अधिकारी अंकित चंद, तहसीलदार और राजस्व उपनिरीक्षक की संयुक्त टीम ने निर्माण स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि अरुण कंस्ट्रक्शन द्वारा संचालित मोबाइल स्टोन क्रशर मानकों के विपरीत चलाया जा रहा था।
प्लांट से उड़ने वाली धूल और मलबे के गलत निस्तारण के कारण स्थानीय पारिस्थितिकी को भारी नुकसान पहुँच रहा था।मौके पर मौजूद उपखनिजों की पैमाइश करने और अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद जिला खान अधिकारी ने प्लांट को अग्रिम आदेशों तक बंद करने के निर्देश दिए।
जिला खान अधिकारी अंकित चंद ने बताया, “प्राथमिक जांच में नियमों का उल्लंघन पाया गया है, जिसके चलते क्रशर प्लांट को सील कर दिया गया है। पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट बुधवार तक तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कार्यदायी संस्था के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगा।


