चमोली।पंच केदारों में चतुर्थ केदार के रूप में विख्यात भगवान श्री रुद्रनाथ जी की आगामी यात्रा को लेकर जिला प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। 18 मई को धाम के कपाट खुलने से पूर्व श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग का सघन स्थलीय निरीक्षण किया गया।
जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देशों के अनुपालन में, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के एसडीओ मोहन सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने सगर से रुद्रनाथ धाम तक के दुर्गम पैदल मार्ग का जायजा लिया। इस दौरान टीम ने कई किलोमीटर पैदल चलकर मार्ग की वर्तमान स्थिति, भूस्खलन के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों और यात्रियों के ठहरने वाले विश्राम स्थलों का बारीकी से आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने मार्ग में पेयजल की उपलब्धता, अस्थायी शौचालयों की स्थिति, साफ-सफाई की व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की संभावनाओं को परखा। वन विभाग की टीम ने उन स्थानों को भी चिन्हित किया है जहाँ मार्ग क्षतिग्रस्त है या जहाँ सुरक्षा दीवार की आवश्यकता है।
एसडीओ मोहन सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मिले सुझावों और मार्ग की चुनौतियों को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जा रही है। इसी रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन एक ठोस कार्ययोजना तैयार करेगा ताकि देश-विदेश से आने वाले शिव भक्तों को इस कठिन चढ़ाई वाले मार्ग पर किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
उल्लेखनीय है कि रुद्रनाथ धाम की यात्रा अपनी प्राकृतिक सुंदरता और कठिन चढ़ाई के लिए जानी जाती है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य कपाट खुलने से पहले मार्ग को ‘यात्री-अनुकूल’ और पूर्णतः सुरक्षित बनाना है।


