गर्भगृह से बाहर आई उत्सव डोली, दर्शनों के लिए उमड़े श्रद्धालु
चमोली। दशोली ब्लॉक के कठूड़ गांव की आराध्य मां ज्वाला देवी 56 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद देवरा यात्रा पर निकल गई हैं। शनिवार को धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच मां ज्वाला देवी की उत्सव डोली को गर्भगृह से बाहर लाकर श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए रखा गया। डोली के बाहर आते ही मंदिर परिसर मां ज्वाला के जयकारों से गूंज उठा।
कठूड़ स्थित ज्वाला देवी मंदिर में पुजारी पंडित दिनेश चंद्र थपलियाल ने विधिविधान से पूजा-अर्चना कराई। इसके बाद धार्मिक परंपराओं के अनुसार उत्सव डोली को गर्भगृह से बाहर लाया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां ज्वाला के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
शनिवार को देव डोली गांव में ही प्रवास पर रही। रविवार को पूजा-अर्चना के बाद मां ज्वाला की उत्सव डोली केदारनाथ धाम के लिए रवाना होगी। केदारनाथ धाम के दर्शन के बाद डोली बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। बदरीविशाल से मिलन के पश्चात मां ज्वाला की डोली विभिन्न गांवों का भ्रमण करते हुए देवरा यात्रा पर रहेगी।
ज्वाला देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष विक्रम सिंह बिष्ट, सचिव लखपत कनवासी, कोषाध्यक्ष बीरेंद्र बत्र्वाल और सुनील नाथन बिष्ट ने बताया कि करीब 56 वर्षों बाद मां ज्वाला देवी की देवरा यात्रा आयोजित हो रही है। उन्होंने बताया कि देवरा यात्रा के समापन के बाद मंदिर में महायज्ञ का आयोजन भी किया जाएगा।
देवरा यात्रा को लेकर कठूड़ सहित आसपास के गांवों में खासा उत्साह है। मां ज्वाला के केदारनाथ और बदरीनाथ धाम जाने तथा विभिन्न गांवों में भ्रमण को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था और उत्साह बना हुआ है।

