12 सितंबर को बोर्ड बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव, जनभावनाओं के अनुरूप निर्णय की उम्मीद
चमोली। पौराणिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व रखने वाले आदिबदरी मंदिर समूह को श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अधीन लाने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में बुधवार को बीकेटीसी के उपाध्यक्ष एवं भू-संपत्ति उपसमिति के अध्यक्ष ऋषिप्रसाद सती के नेतृत्व में उच्चस्तरीय टीम ने आदिबदरी मंदिर पहुंचकर मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
क्षेत्रीय जनता और आदिबदरी मंदिर प्रबंध समिति लंबे समय से मंदिर समूह को बीकेटीसी में शामिल करने की मांग करती आ रही है। इस संबंध में मंदिर प्रबंध समिति और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की ओर से मुख्यमंत्री, बीकेटीसी अध्यक्ष एवं मुख्य कार्याधिकारी को पत्र भेजे गए थे। इन्हीं मांगों के संदर्भ में बीकेटीसी की टीम ने मंदिर समिति के साथ बैठक कर मंदिर की पूजा-पद्धति, व्यवस्थाओं, भू-संपत्तियों, हक-हकूकधारियों, मंदिर से जुड़े धार्मिक समारोहों और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली।
बैठक को संबोधित करते हुए बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषिप्रसाद सती ने कहा कि जनभावनाओं को देखते हुए आदिबदरी मंदिर समूह को बीकेटीसी के अधीन लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 12 सितंबर को ऋषिकेश में होने वाली बीकेटीसी बोर्ड की बैठक में मंदिर समूह को समिति के अधीन लेने का प्रस्ताव रखा जाएगा। बोर्ड बैठक में लिए जाने वाले निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक के बाद आदिबदरी मंदिर प्रबंध समिति की ओर से बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषिप्रसाद सती सहित टीम के सदस्यों को आदिबदरी मंदिर समूह का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर बीकेटीसी सदस्य दिनेश डोभाल, धीरज पंचभैय्या (मोनू), डॉ. विनीत पोस्ती, अवर अभियंता गिरीश रावत, प्रभारी संपत्ति निरीक्षक कुलदीप बिष्ट, आदिबदरी मंदिर समिति के अध्यक्ष जगदीश बहुगुणा, कोषाध्यक्ष विजय चमोला, नवीन बहुगुणा, मंदिर के पुजारी, ग्राम प्रधान सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी, सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


