देहरादून।देवभूमि के युवाओं के हौसले हिमालय से भी ऊंचे हैं, और इसे एक बार फिर साबित कर दिखाया है चमोली जिले के लस्यारी गांव के लाल दिगंबर कुंवर ने। भारतीय सेना द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित ‘सूर्य देवभूमि चैलेंज’ मैराथन में दिगंबर ने अपनी रफ्तार और सहनशक्ति से इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
बर्फ की चादरों, मखमली बुग्यालों और दिल दहला देने वाले दुर्गम पहाड़ी रास्तों के बीच आयोजित इस 113 किलोमीटर लंबी मैराथन में देश भर से 300 से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया था। जहां आम इंसान के लिए इन रास्तों पर पैदल चलना भी चुनौती है, वहां दिगंबर ने मात्र 12 घंटे में इस सफर को पूरा कर सेना के अधिकारियों और खेल प्रेमियों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।
दिगंबर की यह जीत यह संदेश देती है कि पहाड़ की ढलानों पर बचपन बिताने वाले युवाओं के फेफड़ों में जो दम है, उसे यदि सही प्रशिक्षण और अवसर मिले, तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ओलंपिक जैसे मंचों पर तिरंगा फहरा सकते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा “यह सिर्फ एक दौड़ नहीं थी, बल्कि पहाड़ की जीवटता का प्रमाण था।दिगंबर की यह सफलता क्षेत्र के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।दिगंबर कुंवर की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरे चमोली जनपद और प्रदेश में खुशी की लहर है। सोशल मीडिया पर भी लोग “पहाड़ के बेटे” को इस बेमिसाल जीत के लिए बधाई दे रहे हैं।


